भू-कानून की मांग लेकर युवाओं ने निकली विधानसभा तक रैली, चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

बुधवार आज भारी संख्याबल में राजधानी देहरादून के युवाओं ने बीते महीने से सोशल मीडिया पर राज्य में शसक्त भू-कानून की मांग लेकर विधानसभा तक रैली का आयोजन किया.

भू-कानून की मांग लेकर युवाओं ने निकली विधानसभा तक रैली, चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी

बुधवार आज भारी संख्याबल में राजधानी देहरादून के युवाओं ने बीते महीने से सोशल मीडिया पर राज्य में शसक्त भू-कानून की मांग लेकर विधानसभा तक रैली का आयोजन किया. युवा विद्यार्थीगण समूह ने मिलकर नेहरू कॉलोनी से रैली निकली. भू-कानून को लेकर युवाओं ने सीएम धामी से अपील की वे युवाओं के ऊपर मांग पर गौर करें. युवाओं ने ने रैली द्वारा अपनी मांगों को संबोधित किया उन्होंने कहा की बाहरी राज्य के धनाढयों व अन्य लोगों द्वारा  बेतहाशा ज़मीन खरीद-फ़रोख़्त पर रोक लगाने की जरूरत है ठीक वैसे ही जैसे पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश राज्य में लागू है.जिससे पहाड़ी किसान अपनी ज़मीन का स्वयं मालिक बना रहे व देवभूमि की संस्कृति व अस्मिता से भी कोई छेड़-छाड़ न हो. प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने चुनौती देते हुए कहां शशक्त भू-कानून को त्वरित गति से लागू करने की मांग की अन्यथा न होने की एवज़ में राज्य सरकार को आगामी विधानसभा चुनावों में प्रदेश के लाखों युवाओं की ओर से चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दे डाली.


किसानों की जमीनों को औने-पौने दामों के ख़रीदकर भूमिविहीन किया जा रहा है

अपने बच्चों के उज्वल भविष्य को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुई युवाओं की माताओं ने कहा आज जिस तरह से प्रदेश में बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है. आज हमारे बच्चे अपनी भूमि को छोड़ कर अन्य राज्यों की तरफ रोजगार की तरफ रूख कर रहे है. जबकि बाहरी राज्यों के धनाढयों द्वारा हमारे पहाड़ी किसानों की जमीनों को औने-पौने दामों के ख़रीदकर भूमिविहीन किया जा रहा है इससे अब राज्य की युवा पीढ़ी के प्रति उन्हें अब चिंता सताने लगी है. 


पहाड़ी किसानों की आर्थिकी को मजबूत व बेहतर बनाना प्रदर्शन 


प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए आशीष नौटियाल ने कहा जिस तरह से गत वर्ष 2018 में तत्कालीन त्रिवेंद्र रावत सरकार द्वारा भू-कानून में बदलाव कर पहाड़ो व मैदानी इलाकों में ज़मीन की खुली बिक्री की छूट प्रदान की गई उसे जल्द से जल्द वापस लिया जाए व 'उत्तरप्रदेश ज़मींदारी एवं भूमि सुधार अधिनियम' में बदलाव कर पहाड़ी राज्य की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के पहाड़ी किसानों की आर्थिकी को मजबूत व बेहतर बनाने के लिए कृषि-बागवानी जैसी नीतियों में बदलाव किया जाना चाहिए जिससे राज्य की वर्षो पुरानी गंभीर समस्या पलायन पर भी रोकथाम हो सके.

ये लोग रहे शामिल 

प्रदर्शन में शामिल युवाओं में आशीष नौटियाल, सौरभ सेमवाल, आशीष नेगी, प्रज्वल जोशी, मनीष पांडेय सहित भारी संख्याबल में युवा रहे. वही युवाओं का समर्थन देने के लिए मंजू कोटनाला, इंदु नवानी, नीमा रौथाण, दीपिका नयाल सहित कई महिलाएं पहुँची. साथ ही युवाओं का समर्थन करने पहुँचे राज्य आंदोलनकारी संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती सहित अन्य राज्य राज्य आंदोलनकारी भी भारी संख्याबल में मौजूद रहे.