योगी आदित्यनाथ ने नाम बदलने के आलावा कुछ नहीं किया, राजनिती में दरार पैदा करती है बीजेपी :अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी 'समाजवादी' विचारधारा में विश्वास करने वाले किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठजोड़ करेगी

योगी आदित्यनाथ ने नाम बदलने के आलावा कुछ नहीं किया, राजनिती में दरार पैदा करती है बीजेपी :अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी 'समाजवादी' विचारधारा में विश्वास करने वाले किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठजोड़ करेगी. उन्होंने उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में अपने पैतृक गांव सैफई में कहा विचारधारा में विश्वास करने वाली किसी भी पार्टी का समाजवादी पार्टी में स्वागत है. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होंगे. 

विश्वासघात करने वालों को सबक सिखाएंगे 

शुक्रवार को यूपी पूर्व सीएम अखिलेश यादव सपा के सहयोगी रहे महान दल के एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद यादव अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे. उन्होंने कहा कि महान दल के नेताओं ने वादा किया है कि वे अपने समुदाय के साथ विश्वासघात करने वालों को सबक सिखाएंगे. आठ जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने पर उन्होंने कहा कि सपा की मांग समुदायों की आबादी के अनुपात में आरक्षण का लाभ मुहैया कराने की है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों को अपराधी, आतंकवादी करार दिया और उन्हें फर्जी मामलों में फंसाया है. स्थानों का नाम बदलने के कदम पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाम बदलने के अलावा कुछ नहीं किया है. 


भाजपा सरकार पर साधा निशाना 

वही अखिलेश ने पूर्व आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी को लेकर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने शुक्रवार को यूपी पुलिस द्वारा पूर्व आईपीएस कार्यालय अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला. अखिलेश ने अपने एक ट्वीट में ठाकुर को पुलिस की गाड़ी में बैठाते हुए पुलिस की एक वीडियो क्लिप को साझा करते हुए लिखा, “यह एक पूर्व पुलिस वाले के खिलाफ पुलिस की एक अभूतपूर्व कार्रवाई है.

भाजपा लोगों के बीच दरार पैदा करती है 

भाजपा की राजनीति लोगों के बीच दरार पैदा कर फल-फूलती है। अब भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस पुलिस के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। एक सेवानिवृत्त पुलिस वाले के साथ ऐसा व्यवहार अक्षम्य है. 2015 में, जब अमिताभ ठाकुर सेवा में थे, उन्होंने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें दावा किया गया था कि मुलायम ने उन्हें धमकी दी थी और उस वक़्त अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद पर थे.