"मनहूस सीएम" आवास कोविड मरीजों के लिए अस्पातल में होगा तब्दील

पिछले एक दशक से मनहूस माना जा रहा सीएम आवास अब कोविड मरीजों के लिए अस्पातल में तब्दील होने जा रहा है

"मनहूस सीएम" आवास कोविड मरीजों के लिए अस्पातल में होगा तब्दील

पिछले एक दशक से मनहूस माना जा रहा सीएम आवास अब कोविड मरीजों के लिए अस्पातल में तब्दील होने जा रहा है। इस बात की जानकारी बृहस्पतिवार को सीएम ने मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा की वह अपना आधिकारिक आवास आने वाली तीसरी लहर के लिए मरीजों की उपचार के लिए तैयार करवा रहे है। "तीसरी लहर के लिए तैयारियों में कहीं कोई कमी नहीं है. अब यहां ज्यादा कोविड समर्पित अस्पताल हैं। पहले से उपलब्ध अस्पतालों के अलावा डीआरडीओ की मदद से ऋषिकेश और हल्द्वानी दोनों जगहों पर 500-500 बिस्तरों के अस्पताल बनाए गए हैं.’’

क्यों माना जाता है मनहूस 

ऐसा कहा जाता है की कैंट रोड स्थित सीएम आवास में आने वाला एक भी सीएम अपना कार्यकाल पूरा किए बैगेर ही हट जाता है। जिसके चलते इसे मनहूस माना जाता है क्योंकि विजय बहुगुणा से लेकर त्रिवेंद्र सिंह रावत तक यहां कोई मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका और उसकी समय से पहले ही पद से विदाई हो गई। माना जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी यहां जाने में इसी कारण से परहेज किया लेकिन फिर भी वह चुनावों में हार गए और सत्ता में वापसी न कर सके। 

वास्तुशास्त्री इस बंगले में बताते हैं दोष

पहाड़ की शैली में बने इस बंगले में वास्तुशास्त्री दोष बताते हैं। दरअसल मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के समय पुराने भवन को गिराकर यहां खूबसूरत मुख्यमंत्री आवास बनना शुरू हुआ। इसके बाद जो भी सीएम इस आवास में गया वो सत्ता से हाथ धो बैठा। खंडूरी सीएम बनने के बाद इस आवास में नहीं रह सके रमेश पोखरियाल निशंक सीएम बने तो उनको भी सत्ता से हाथ धोना पड़ गया। इसके बाद विजय बहुगुणा और हरीश रावत का भी यही हाल रहा। 

जरूरत पड़ने पर होटल्स भी बन सकते है कोविड केंद्र

सीएम तीरथ ने कहा है की आने वाली तीसरी लहर से लड़ने के लिए कुछ भी करेंगे साथ ही एक दो होटल्स को विकल्प के तौर पर भी रखा गया है की जरूरत पड़ने पर उन होटल्स को कोविड केंद्र के लिए तब्दील कर सकते है। उन्होंने कहा कि किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि महामारी की दूसरी लहर इतनी शक्तिशाली होगी. हालांकि, उन्होंने कहा,‘‘लेकिन हमने चुनौती का सामना किया और पूरे प्रदेश में सुविधाएं बढ़ाई. मैं सभी 13 जिलों में कोविड केयर केंद्रों और अस्पतालों में पीपीई किट पहनकर गया और वहां की सुविधाओं की स्थिति तथा मरीजों की समस्याओं के बारे में जाना.’’

सीएम खुद ना रह कर मरीजों रखना चाहते है 

नैनीताल हाईकोर्ट तीसरी लहर की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान तथा न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा था, ‘‘ क्या राज्य सरकार अपनी नींद से तभी जागेगी जब हमारे बच्चे तीसरी लहर में मरना शुरू करेंगे’’ मुख्यमंत्री आवास को कोविड मरीजों के लिए तैयार करने के संबंध में पूछे जाने पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि मुख्यमंत्री रावत स्वयं उस आवास में जाना नहीं चाहते हैं और इसलिए वह वहां कोविड मरीजों को रखना चाहते हैं।