केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना पर जल्द शुरू होगा काम

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए दो हजार करोड़ से अधिक की लागत से रोपवे का निर्माण किया जाएगा।

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना पर जल्द शुरू होगा काम
केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए दो हजार करोड़ से अधिक की लागत से रोपवे का निर्माण किया जाएगा। एनएचएआई की एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने दोनों रोपवे की डीपीआर तैयार कर ली है। अब वन भूमि हस्तांतरण के लिए केंद्र के साथ प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा एनएचएआई ने पांच और रोपवे के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है। उत्तराखंड पर्यटन बोर्ड परिषद की सोमवार को हुई बैठक के बाद उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने घोषणा की कि दो महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं- सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब- पर काम जल्द शुरू होगा। 

मंत्री ने बताया कि दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। सोनप्रयाग-केदारनाथ परियोजना पर लगभग 1,200 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह 13 किलोमीटर लंबी होगी। गोविंद घाट-हेमकुंड साहिब परियोजना की लागत 850 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसकी लंबाई 12.5 किलोमीटर होगी। केदारनाथ रोपवे परियोजना के तहत 26.43 हेक्टेयर वन भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित की जानी है, जबकि लगभग 27.4782 हेक्टेयर वन भूमि गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब परियोजना के लिए है. दोनों परियोजनाओं को राज्य वन्यजीव बोर्ड द्वारा मंजूरी दे दी गई है और अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेज दिया गया है। 

परिषद ने यह भी घोषणा की कि उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के प्रसिद्ध स्की शहर औली को एक अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन खेल गंतव्य में बदलने के लिए एक मास्टर प्लान विकसित किया गया है। बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए 1.50 करोड़ रुपये की राशि अलग रखी गई है। उन्होंने कहा, "रोपवे परियोजनाओं की डीपीआर पूरी हो चुकी है और हम जल्द ही काम शुरू करेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि पांच अन्य रोपवे परियोजनाओं - पंचोटी से बौरारी, बाल्टी बेंड से खलिया टॉप, ऋषिकेश से नीलकंठ, औली से गोरसन और रानीबाग से हनुमान गढ़ी मंदिर के लिए सर्वेक्षण कार्य - भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया है।