कारपेट लेने से पहले जाने क्या होनी चाहिए कारपेट की गुड़वत्ता

विशेष तौर पर अपने घरों की सजावट में लोग कारपेट का इस्तेमाल करते है क्यूंकि इससे घर की सजावट में और भी चार चाँद लग जाते है।

कारपेट लेने से पहले जाने क्या होनी चाहिए कारपेट की गुड़वत्ता

विशेष तौर पर अपने घरों की सजावट में लोग कारपेट का इस्तेमाल करते है क्यूंकि इससे घर की सजावट में और भी चार चाँद लग जाते है। वही कारपेट से बैठक कमरा या अन्य कमरे अच्छे लगते है क्यूंकि अन्य सजावटी चीजों के साथ कारपेट का भी घर में बड़ा योगदान रहता है। हर कारपेट अलग अलग धागों से बुनी हुई होती है। जिनका मूल डिज़ाइन भी अलग अलग पाया जाता है और अलग अलग रंगों से बन कर तैयार होती है कई खूबसूरत कारपेट। लेकिन कारपेट का ख्याल कैसे रखे आइए जानिए कारपेट से जुड़ी जानकारियां। 


कारपेट सबसे पहले कहा बनी 

कारपेट का इस्तेमाल मुगलों द्वारा किया जाता था और भारत में कारपेट मुगलों द्वारा लाया गया था। इसके बाद से भारत के कई हिस्सों ने कारपेट का व्यापार होने लगा और धीरे धीरे यह शिल्पकारियों के लिए आजीविका का साधन बन गया। इसे एक तरह का धरोहर आर्ट भी कहा जाता है। अब इसकी कला और जरूरत बन गया है। 


चार प्रकार की होती है कारपेट 

कारपेट चार प्रकार की पाई जाती है सबेस पहले हैंड लूम, हैंड नोटेड, हैंड टफ्टेड, फ्लैटवीव। यह सभी अलग अलग प्रकार के धागों से बनी होती है। अक्सर इन्हे कॉटन के धागों से बनाया जाता है जो हायर क्वालिटी प्रीमियम कारपेट होता है उनमे सिल्क और वूल का इस्तेमाल अधिक किया जाता है।

घर में कैसे रखे ख्याल 

हैंड नोटेड कारपेट का विशेष तौर से ख्याल रखे इसे कम से कम महीने में दो बार वेक्यूम क्लीनर से साफ़ करे। साथ इसके रख रखाव का विशेष ध्यान रखे। वही दूसरी कारपेट की बात की जाएं तो उन्हें बाहर खुली जगह में रखे। ज्यादा गंदी होने पर कारपेट को घर में धुलने के बजाय प्रोफेशनल क्लीनर से धुलवाना चाहिए या सर्विस के लिए भेजना चाहिए। कोशिश करें की अगर कारपेट चाय कॉफ़ी या अन्य खाने पिने की चीजे गिरने पर कारपेट को ज्यादा रगड़ के न पोछे पहले टिसू पेपर से साफ़ करें। रोजना कारपेट को सीक की झाड़ू से साफ़ करें। 

खरीदते समय किन बातों का रखे ध्यान 

पहले तय कर ले की आप किस तरह का कारपेट खरीदने जा रही है और किन कमरों के लिए बैडरूम के लिए बैठक रूम या बच्चों के रूम के लिए। अगर आप बैठक रूम के लिए कारपेट ले रही है तो उसके लिए हैंड नोटेड कारपेट का ही चुनाव करना चाहिए वही बैडरूम के लिए थोड़े मुलायम कारपेट लेने चाहिए। कमरे के एरिया के हिसाब से कारपेट का चुनाव करें। अगर रंगों की बात की जाएं तो इंटीरियर के हिसाब से लेना चाहिए। दूसरी बात कारपेट की गुड़वत्ता करें तो ज्यादा फंदों वाला कारपेट महंगा जरूर होता है लेकिन उतना ही गुड़वत्ता में बढ़ियां होता है। 

कहा कहा है कारोबार 

मशहूर व्यवसायी व कारपेट कारोबारी नन्द किशोर चौधरी ने बताया है की जयपुर रग्स के अंतरगर्त चालीस हजार हस्तशिल्पियों का नेटवर्क खड़ा किया है। इसके आलावा गुजरात की वलसाड जनजाति से लेकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारझंड और बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों समेत 600 राज्य में कारपेट का बनने का कार्य होता है।