व्लॉगर ने पीएम व सीएम धामी को पत्र लिख भगवान शिव पर उठाया सवाल

हाल ही मैं कुछ दिनों पहले केदारनाथ धाम में अपने पालतू कुत्ते के साथ पहुंचे नोएडा के व्लॉगर विकास त्यागी ने इस मचे हुए बवाल पर एक और मोड़ लाकर खड़ा कर दिया है।

व्लॉगर ने पीएम व सीएम धामी को पत्र लिख भगवान शिव पर उठाया सवाल
हाल ही मैं कुछ दिनों पहले केदारनाथ धाम में अपने पालतू कुत्ते के साथ पहुंचे नोएडा के व्लॉगर विकास त्यागी ने इस मचे हुए बवाल पर एक और मोड़ लाकर खड़ा कर दिया है। व्लॉगर विकास त्यागी ने प्रधानमंत्री मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। त्यागी के चचेरे भाई द्वारा भेजे गए पत्र में, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) पर अपनी मर्जी से काम करने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय की वकील नेहा रस्तोगी ने केदारनाथ में पालतू कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने वाले किसी भी मौजूदा दिशानिर्देश के बारे में जानकारी मांगी है।

पत्र की एक प्रतिलिपि भारतीय पशु कल्याण बोर्ड और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को भी भेजी गई है। टीओआई से फोन पर बात करते हुए, नेहा रस्तोगी ने कहा कि उन्हें उपरोक्त अधिकारियों को पत्र लिखना पड़ा क्योंकि त्यागी और उनके परिवार को मामला बढ़ने के बाद से धमकियां मिल रही हैं और बीकेटीसी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आगे कहा, "विकास त्यागी और उनके परिवार को सोशल मीडिया पर कई तरह की धमकियों का सामना कर रहे है। इन धमकियों के कारण वे मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। 

दिल्ली हाईकोर्ट के वकील ने त्यागी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर बीकेटीसी की भी आलोचना की। रस्तोगी ने पूछा, "उन्होंने बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए अपने पालतू कुत्ते को ले जाकर कोई अपराध नहीं किया। अगर यह अपराध है तो केदारनाथ ट्रेक पर तैनात किसी भी पुलिस कर्मी ने उन्हें क्यों नहीं रोका। इस बीच, बीकेटीसी के अधिकारी त्यागी के खिलाफ अपने आरोपों पर अड़े रहे और दोहराया कि उन्होंने मंदिर की पवित्रता का उल्लंघन किया है। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा, "लोग कह रहे हैं कि त्यागी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना गलत है क्योंकि कुत्ते को भगवान भैरवनाथ से संबंधित माना जाता है। 

अगर यह औचित्य है तो सांप को भगवान शिव से संबंधित क्यों माना जाता है। बीकेटीसी ने पहले त्यागी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और अपने पालतू कुत्ते को वहां लाकर मंदिर की पवित्रता भंग की है। हालांकि प्राथमिक जांच कर रही पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।