मौसम की तरह बदलती उत्तराखंड की राजनीति

पल भर में उत्तराखंड के मौसम की तरह बदलती राजनीति में एक बार फिर सीएम का सफर बीच रस्ते में ही खत्म हो गया

मौसम की तरह बदलती उत्तराखंड की राजनीति

पल भर में उत्तराखंड के मौसम की तरह बदलती राजनीति में एक बार फिर सीएम का सफर बीच रस्ते में ही खत्म हो गया। तीरथ सिंह रावत  उत्तराखंड के दसवें मुख्यमंत्री पद पर थे। लेकिन सवैंधानिक बाध्यता के चलते रावत जी को सीएम की कुर्सी से उठना पड़ गया है। हालाकिं सियासी गलियारी में महीनों पहले ही लोगों ने अनुमान लगा लिया था की रावत जी सीएम पद पर कुछ दिनों के मेहमान है और इसी के साथ 114 दिन का कार्यकाल पूरा करके रावत ने सीएम पद को अलविदा कह दिया है। 

हालाकिं उत्तराखंड की राजनीति में बीच सफर से कुर्सी से उठना कोई नहीं बात नहीं है। साल 2000 में उत्तराखडं का गठन हुआ था लेकिन इन बीस सालों में कोई भी सीएम अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया लेकिन नारायण दत्त तिवारी कांग्रेस दल के एक लौते नेता थे जो जिन्होंने ने सीएम पद का कार्यकाल पूर्ण किया था। इसके उपरांत कभी कार्यकाल में कमियां या बाध्यता के चलते सीएम पद खली होना आम बातबन चुकी है। देखना यह है की अगला उत्तराखंड की सियासत में कौन राज करेगा। सूत्रों के अनुसार दो नाम जोर पर चल रहे है पहले पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज दूसरा धन सिंह रावत। हालाकिं चुना तो कोई भी जाए लेकिन मजे की बात यह है की लम्बे समय तक चल पाएंगे या नहीं। 

जाते जाते दे गए सौगात 

अब अगर 114 दिन की बात की जाए तो सीएम का कार्यकाल ना बहुत अच्छे में था ना बहुत बुरे में लेकिन जाते जाते वो जनता को सौगात देकर इस पद से हट रहे है। कल की प्रेसवार्ता में सीएम ने विभिन्न विभागों में 22340 पदों पर नियुक्तियां और कोविड महामारी से प्रभावित व्यवसायों को दो हजार करोड़ की राहत दिए जाने की बात कही है। वही प्रेसवार्ता में उदास दिख रहे रावत जी परिवर्तन और इस्तीफे के सवाल पर कुछ नहीं बोले और अपनी बात कह कर सीधे निकल गए थे।