उत्तराखंड: कूड़ा बेचकर माला माल हुआ हिन्दुस्तान का अंतिम शहर जोशीमठ

हिंदुस्तान के अंतिम शहर जोशीमठ में नगरपालिका द्वारा एक करोड़ का कूड़ा बेचने का बड़ा रिकॉर्ड सामने आया है।

उत्तराखंड: कूड़ा बेचकर माला माल हुआ हिन्दुस्तान का अंतिम शहर जोशीमठ

हिंदुस्तान के अंतिम नगर पालिका जोशीमठ जहां नगरपालिका द्वारा एक करोड़ का कूड़ा बेचने का बड़ा रिकॉर्ड सामने आया है। यह सुनने अजीब लग रहा है लेकिन यह सच है। हिंदुस्तान के अंतिम नगर पालिका जोशीमठ  ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है जहां करोड़ों का कूड़ा इकट्ठा कर उसे बेचने का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। 

लगाई गई है मशीन 

बता दें कि लगातार जोशीमठ नगर को स्वच्छ एवं साफ रखा जा रहा है और जोशीमठ नगर पालिका के पर्यावरण मित्र लगातार अपनी सेवा दे रहे हैं। वही पर्यावरण मित्रों के सहयोग से ही अंतिम नगर पालिका को एक करोड़ का मुनाफा हुआ है। नगर महा पालिका के अध्यक्ष शैलेंद्र पवांर ने बताया कि लगातार पूरे नगर को स्वच्छ एवं साफ रखा जा रहा है और सभी कूड़े को मशीन में डालकर कूड़े को अलग-अलग करके उसे पैकिंग कर यहां से भेजा जा रहा है। 

सफाई के मामले में नंबर वन है जोशीमठ 

पालिका के अध्यक्ष का यह भी कहना है कि पर्यावरण मित्रों के सहयोग से ही पहली बार पालिका को करोड़ों का फायदा हुआ है। बता दें कि जोशीमठ को पूरे उत्तराखंड में सफाई के मामले में नंबर वन माना जाता है। आप तस्वीरों में साफ-साफ देख सकते हैं कि किस प्रकार पर्यावरण मित्र इन कूड़े की किस प्रकार पैकिंग कर रहे हैं। हालांकि यहां पर एक बहुत बड़ी मशीन लगी हुई है वो मशीन पहली बार जोशीमठ नगर में लगाई गई है।

मुनाफा देने में पर्यावरण मित्रों का बड़ा योगदान है 

वही जोशीमठ नगर पालिका के सुपरवाइजर अनिल कुमार ने पर्यावरण मित्रों को बधाई दी है साथ में बताया कि पिछले 2 साल से पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है ऐसे में पर्यावरण मित्र अपनी जान की परवाह न करते हुए जोशीमठ नगर को साफ एवं स्वच्छ करने में लगे हुए हैं। जिन्होंने इस महामारी में भी स्वच्छता का ध्यान रखा, और पूरे नगर को स्वच्छ करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि ऐसे में पर्यावरण मित्र बधाई के पात्र हैं, जिनके अथक प्रयास से यह मुमकिन हो पाया है, और करोड़ों का मुनाफा देने में पर्यावरण मित्रों का बड़ा ही योगदान है।