राज्य सरकार को उत्तराखंड हाईकोर्ट की फटकार बिना पैसे के मजदूरी या बेगारी नहीं कराई जा सकती

एक बार फिर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने परिवहन परिचालकों के पक्ष में राज्य सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जल्द बैठक कर निर्णय करने का आदेश दिया है

राज्य सरकार को उत्तराखंड हाईकोर्ट की फटकार बिना पैसे के मजदूरी या बेगारी नहीं कराई जा सकती

एक बार फिर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने परिवहन परिचालकों के पक्ष में राज्य सरकार को फटकार लगाई है। वही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जल्द बैठक कर निर्णय करने का आदेश दिया है। दूसरी तरफ कोर्ट का कहना है की जितना पैसा सरकार ने दिया है उससे दो महीने का ही वेतन मिल पा रहा है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने सैलरी को कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए आर्टिकल 23 का हवाला देते हुए कहा कि बिना पैसे के मजदूरी या बेगारी नहीं कराई जा सकती है। 


सैलरी को लेकर जब कोर्ट ने सरकार से पूछा की अभी तक पूरी सैलरी क्यों नहीं दी गई इस पर अधिकारीयों ने कहा की इस वक़्त आर्थिक संकट का हवाला देते हुए कहा की वित्तीय स्थिति ठीक होने तक कर्मचारियों को आधी सैलरी देंगे। हालाकिं कोर्ट को यह बात रास ना आते हुए कोर्ट ने इसे लेकर फटकार लगाते हुए कहा कि क्या यह मान लिया जाए कि स्टेट पर वित्तीय संकट आ खड़ा हुआ है, और क्या ऐसे निर्णय बोर्ड को लेने का अधिकार कानून या संविधान देता है। 


अदालत ने कहा कि यह अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट में बताया कि 34 करोड़ की धनराशि जारी की गई है जिससे अप्रैल-मई माह का वेतन दिया जा सकता है. कोर्ट ने सरकार के इस जवाब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछा कि आगे की क्या प्लानिंग है, वो भी कोर्ट को बताएं।