उत्तराखंड सरकार कोविड कर्फ्यू हटाने में दिखा रही है लापरवाही, विचार किए बिना ले रही फैसला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने शनिवार को उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य से कोविड प्रतिबंध हटाने के अपने फैसले को 'लापरवाह' बताया

उत्तराखंड सरकार कोविड कर्फ्यू हटाने में दिखा रही है लापरवाही, विचार किए बिना ले रही फैसला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने शनिवार को उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य से कोविड प्रतिबंध हटाने के अपने फैसले को 'लापरवाह' बताया। उन्होंने चारधाम यात्रा को लेकर राज्य में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की निर्णय लेने की क्षमता की भी आलोचना की। उत्तराखंड में कोविड -19 कर्फ्यू हटाने के बारे में बात करते हुए, हरीश रावत ने कहा, "मुझे लगता है कि राज्य सरकार ने एहतियाती उपायों पर विचार किए बिना, राज्य और देश में कोविड की स्थिति को देखे बिना या शायद वृद्धि की रिपोर्टों पर ध्यान दिए बिना यह फैसला किया है। 


पहले क्या सो रहे थे 

कई देशों में कोविड के मामलों में वृद्धि की रिपोर्ट। उन्हें सभी एहतियाती कदम उठाने चाहिए। हरीश रावत ने राज्य सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा की लगता है वे देर से उठे है जब हम उन्हें चार धाम यात्रा फिर से शुरू करने के लिए कह रहे थे क्योंकि संक्रमण की संख्या घट रही थी, उन्होंने उस समय कोई निर्णय नहीं लिया। अब जब श्रद्धालु यहां नहीं आ रहे हैं तो पाबंदियां हटा रहे हैं। रावत की यह टिप्पणी उस दिन आई है जब उत्तराखंड सरकार ने कोविड-19 से कम मामलों और मौतों को देखते हुए राज्यव्यापी प्रतिबंध वापस ले लिए थे। 


सार्वजनिक स्थलों पर पहनना होगा मास्क 

बता दे की कल, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने घोषणा की कि वह 20 नवंबर से राज्य से सभी कोविड -19 प्रतिबंध वापस ले लेगी। हालांकि, सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक परिवहन पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अपने नवीनतम दिशानिर्देशों में कहा। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना अवैध बना दिया गया है और इसके परिणामस्वरूप जुर्माना और सजा होगी। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटखा, तंबाकू का सेवन प्रतिबंधित रहेगा।