उत्तराखंड: 26000 कांवड़िएं को किया वापस रोजाना,150 वाहनों को किया जा रहा है वापस

उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा इस साल निषेध है लेकिन बावजूद इसके कांवड़िएं इस बात को मानने को तैयार नहीं है

उत्तराखंड: 26000 कांवड़िएं को किया वापस रोजाना,150 वाहनों को किया जा रहा है वापस

उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा इस साल निषेध है लेकिन बावजूद इसके कांवड़िएं इस बात को मानने को तैयार नहीं है। रोक व प्रसाशन के सख्त रवैये के बाद भी कांवड़िएं को रोकना चुनौती बनता जा रहा है। कांवड़ यात्रा 25 जुलाई से 7 तक चलनी है। वहीं मंडावर के चेकपोस्ट पर 12 घंटे की शिफ्ट में 20 पुलिसकर्मी तैनात रहते है। हरिद्वार के हर लोकेशन में कम से कम 800 पुलिसकर्मी तैनात रहते है। 

लुधियाना से दो मोटरसाइ​किलों पर चार युवक हरिद्वार के मंडावर चेक पोस्ट पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की न उनके पास निगेटिव कोविड रिपोर्ट थी, न राज्य सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और न ही ऐसा कोई दस्तावेज़, जो हरिद्वार जाने का पर्याप्त कारण बताए। हालांकि वो कह रहे थे कि हर की पोड़ी पर सेवा कार्य के लिए जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उनकी गाड़ियों के नंबर दर्ज कर उन्हें संभावित कांवड़िया मानकर वापस भेज दिया। 


हरिद्वार पुलिस की एक रिपोर्ट में कहा गया कि बीते बुधवार तक शहर के 15 बॉर्डर चेक पोस्टों से पुलिस ने 26,217 कांवड़ियों को लौटाया। इस रिपोर्ट के हवाले से खबरें बता रही हैं कि हरिद्वार के मंडावर चेक पोस्ट से ही रोज़ाना औसतन 150 वाहनों को वापस भेजा जा रहा है। समझा जा सकता है कि कांवड़िए किस तरह हरिद्वार में एंट्री की कोशिश कर रहे हैं. जानिए कि चेक पोस्टों पर क्या आलम दिख रहा है।