उत्तरप्रदेश: छू कर देखो मुझे, मंत्रियों से वारंट लाओ, भाजपा सरकार किसानों से नफरत करती है

यूपी में गर्माती सियासत में एक बार फिर प्रियंका गांधी ने यूपी पुलिस और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथ लिया है

उत्तरप्रदेश: छू कर देखो मुझे, मंत्रियों से वारंट लाओ, भाजपा सरकार किसानों से नफरत करती है

यूपी में गर्माती सियासत में एक बार फिर प्रियंका गांधी ने यूपी पुलिस और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथ लिया है. बीते रात रविवार प्रियंका गाँधी किसान हत्या के समर्थन में उतरी थी उस दौरान चप्पे चप्पे पर पुलिस और आला अधिकारियों की कड़ी नजर थी लेकिन प्रियंका भी उनको हर बार चकमा देने में कामयाब रही क्यूंकि पुलिस और अधिकारियों की पूरी मंशा थी की प्रियंका किसी भी तरह से लखीमपुरी खीरी ना पहुंच सके। 


वही इस दौरान प्रियंका गाँधी की पुलिस से तीखी बहस और जमकर धक्का मुक्की हुई। वही प्रियंका का आरोप है की पुलिसकर्मियों ने उनकों धकेला जिसके चलते प्रियंका पुलिसकमियों पर चीखती नजर आए आई। यहाँ तक की प्रियंका ने पुलिसवालों को कानून का पाठ पढ़ाती नजर आई। उन्होंने कहा की भाजपा सरकार देश के किसानों से कितनी नफ़रत करती है? उन्हें जीने का हक नहीं है? यदि वे आवाज उठाएँगे तो उन्हें गोली मार दोगे, गाड़ी चढ़ाकर रौंद दोगे? बहुत हो चुका। ये किसानों का देश है, भाजपा की क्रूर विचारधारा की जागीर नहीं है।किसान सत्याग्रह मजबूत होगा और किसान की आवाज और बुलंद होगी।

वह कहती हैं- 'इसमें बिठा कर मुझे तुम मेरा अपहरण करोगे, ये है लीगल स्टेटस तुम्हारा। मत समझो कि मैं कुछ नहीं समझती अरेस्ट करो खुशी से जाउंगी मैं। ये जो जबरजस्ती घेर रहे हो, ढकेल रहे हो न... इसमें फिजिकल असॉल्ट, अटेम्प्ट टू किडनैप, किडनैप, अटेम्प्ट टू मोलेस्ट समझते हो न। छू कर देखो मुझे, जाकर अपने अफसरों से अपने मंत्रियों से वारंट लाओ। महिलाओं को आगे मत करो, महिलाओं से बात करना सीखो। तुम्हारे यहां कानून नहीं होगा इस देश में कानून है। तुम मुझे घसीट कर ढकेल कर यहां लाए हो। कोई हक नहीं है तुम्हे, कोई हक नहीं है। मैं उन किसानों से महत्वपूर्ण नहीं हूं, जिनको तुमने मारा है।"@priyankagandhi जी के ये भाव बता रहे हैं कि वो किस दर्द और पीड़ा के साथ किसानों से जुड़ी हुई है और रातभर सड़कों पर उतरी है।