बिना रजिस्ट्रेशन वाले तीर्थयात्रियों पर लगेगी रोक, ओवरचार्जिंग से राज्य की छवि होगी ख़राब

उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर अपंजीकृत यात्रियों को रोका जाए। जहां उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था की जा सके।

बिना रजिस्ट्रेशन वाले तीर्थयात्रियों पर लगेगी रोक, ओवरचार्जिंग से राज्य की छवि होगी ख़राब

अब चारधाम यात्रा में बिना रजिस्ट्रेशन के दर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने सप्ताहांत में चारधामों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर अपंजीकृत यात्रियों को रोका जाए। जहां उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था की जा सके। मुख्य सचिव ने शुक्रवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित जिलों के अधिकारियों और डीएम की बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम व्यवस्था को सुरक्षित व व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए। 

सप्ताहांत में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। इसके लिए पहले से उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रियों को आगे जाने से रोका जाए। साथ ही यात्रियों के ठहरने के लिए उपयुक्त स्थानों पर टेंट का निर्माण किया जाए। यात्रियों को ऐसी जगहों पर रोका जाए जहां उनके ठहरने की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि ओवरचार्जिंग से राज्य की छवि खराब होती है। इसे रोकने के लिए यात्रा मार्गों पर सख्त कदम उठाए जाएं। ऐसे लोगों का चालान करने के साथ ही उन्हें गिरफ्तार भी किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए राज्य आपदा संचालन केंद्र नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है। 

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपदा संचालन केंद्रों को चारधाम यात्रा नियंत्रण कक्ष के रूप में प्रयोग करें, ताकि जिला आपदा संचालन केंद्रों को सक्रिय कर चारधाम यात्रा से संबंधित सभी जानकारी साझा की जा सके। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों पर शौचालय, विशेषकर महिला शौचालय और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की जाए. उन्होंने पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए मार्ग पर ऑडियो संदेशों के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श और अन्य सूचनाओं को लगातार प्रसारित करने के निर्देश दिए। चारधाम यात्रा मार्गों पर जाम की समस्या को देखते हुए मालवाहक वाहन प्रतिबंधित समय के दौरान रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चल सकेंगे।  

मुख्य सचिव ने यह जानकारी परिवहन विभाग के अधिकारियों को दी है। उन्होंने रात में चलने वाले मालवाहक वाहनों के चालकों और परिचालकों की भी जांच की ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे शराब के प्रभाव में नहीं हैं। ताकि हादसों को रोका जा सके। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि रात में कोई भी मालवाहक वाहनों की आड़ में यात्रियों को लेकर यात्रा न करे।