उत्तराखंड में सफर करना हुआ महंगा , जानिए कितना बढ़ा किराया 

 टैक्सी-मैक्सी में सफर हुआ महंगा, 18 फीसदी तक बढ़ोतरी

उत्तराखंड में सफर करना हुआ महंगा , जानिए कितना बढ़ा किराया 

राज्य में टैक्सी-मैक्सी कैब का किराया करीब 18 से फीसदी ज्यादा हो गया है। टैक्सी संचालक हालाकि इस किराया राशि को 30 फीसदी तक बढ़ृाने की मांग कर रहे थे। टैक्सी-मैक्सी कैब की कीमत का दायरा भी बढाया गया है। अब तक साधारण से सुपर लग्जरी तक की टैक्सी छह लाख से 20 लाख रुपये की श्रेणी में थे। अब इन्हें आठ लाख से 25 लाख से अधिक तक की सीमा में रखा गया है। इसके साथ ही सुपर लग्जरी टैक्स-मैक्सी का किराया यथावत रहेगा। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।


बस और टैक्सियों के किराये में करीब 22 प्रतिशत, चारधाम यात्रा पर संचालित होने वाली बसों के किराये में करीब 27 प्रतिशत, ऑटो व तिपहिया वाहनों के किराये में 15 से 18 प्रतिशत, माल भाड़े में करीब 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।


ये है नई किराया बढ़ोतरी



रोडवेज बसों और निगम या पालिका से बाहर चलने वाली बसों के लिए मैदानी मार्गों पर किराया 105 पैसे से बढ़ाकर 128 पैसे और पर्वतीय मार्गों पर 150 पैसे से बढ़ाकर 183 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति सवारी कर दिया गया है।


चारधाम यात्रा रूट पर चलने वाली 20 सीटों तक की बसों का किराया 55 रुपये से बढ़ाकर 70 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।


सिटी बसों का किराया सात रुपये से बढ़ाकर नौ रुपये प्रति दो किलोमीटर कर दिया गया है।


ऑटो का किराया शुरुआती दो किलोमीटर के लिए 50 से बढ़ाकर 60 रुपये किया गया। पांच से सात सवारी क्षमता वाले टैंपो का किराया पहले दो किलोमीटर के लिए 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है।


टैक्सी-मैक्सी का किराया मैदानी मार्गों पर 14 से बढ़ाकर 16 रुपये और पर्वतीय मार्गों पर 16 से बढ़ाकर 18 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।


ठेका बस का किराया 20 सीट क्षमता तक वाली बस के लिए मैदानी मार्ग पर 50 से बढ़ाकर 61 रुपये और पर्वतीय मार्गों पर 55 से बढ़ाकर 67 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।


ई-रिक्शा में चार सवारियां बैठती हैं। इनके लिए 12 रुपये प्रति किमी किराया तय किया गया है।