चल्दा महासू महाराज के दर्शन के साथ डोली यात्रा में शामिल हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज

राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को जौनसार बावर क्षेत्र के मोहना धाम पहुंचे और चल्दा महासू महाराज के दर्शन के साथ डोली यात्रा में शामिल हुए

चल्दा महासू महाराज के दर्शन के साथ डोली यात्रा में शामिल हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज

राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को जौनसार बावर क्षेत्र के मोहना धाम पहुंचे और चल्दा महासू महाराज के दर्शन के साथ डोली यात्रा में शामिल हुए। श्री चल्दा महासू महाराज के दर्शन और उनकी पवित्र डोली यात्रा में शामिल होने के लिए चकराता स्थित जौनसार बावर क्षेत्र के मोहना धाम में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर राज्य के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण,बंदोबस्ती एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने धार्मिक आयोजन में भाग लिया। 


समलता के लिए निकले चाल्दा महासू महाराज

इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा कि महासू देवता न केवल जौनसार बाबर आदिवासी क्षेत्र है, बल्कि हिमाचल प्रदेश तक के देवताओं के देवता इष्ट देव हैं। उन्होंने बताया कि महासू के चार भाइयों में से चाल्दा महासू महाराज मोहना धाम के पवित्र मंदिर में विराजमान थे, जो अब यहां से समालता के लिए निकले हैं। चाल्दा महाराज 36 साल बाद 23 नवंबर 2019 को मोहना गांव पहुंचे थे। 

स्वयं प्रकट हुए थे महासू महारज 

करीब दो साल तक मोहना में रहने के बाद श्री चल्दा महासू महाराज की पवित्र डोली सोमवार को समालता के लिए रवाना हुई भाग लेने का अवसर मिला। मोहना गांव सात खातों मोहना, द्वार, विशालाद, बोंदुर, टपलाद, अतगांव और बंगागांव का मुख्य केंद्र है। यह एक धार्मिक मान्यता है कि चौथे सिंह (हल की रेखा) को हूण भाट ब्राह्मण द्वारा खेत में रोपते ही चाल्दा महाराज स्वयं प्रकट हुए। चलदा महाराज हमेशा फील्ड ट्रिप पर रहते हैं। वह एक स्थान पर अधिक समय तक नहीं रहता है, इसलिए उसे चाल्दा महाराज कहा जाता है।