राजधानी देहरादून में बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी, 3 हज़ार बच्चों पर एक बाल रोग विशेषज्ञ

राजधानी देहरादून में बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी, 3 हज़ार बच्चों पर एक बाल रोग विशेषज्ञ

राजधानी देहरादून में बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी जताई गई है जो की यह बड़ी चिंतापूर्ण विषय है। क्यूंकि तीसरी लहर की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चों के संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है ऐसे में यदि बच्चे संक्रमित पाए जाते है तो  विशेषज्ञों की कमियों के चलते परेशानी उठानी पड़ सकती है। 


3 हज़ार बच्चों पर एक बाल रोग विशेषज्ञ 

आंकड़ों के मुताबिक 3 हज़ार बच्चों पर एक बाल रोग विशेषज्ञ है बच्चों का इलाज कर रहे है जो की काफी कम है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अब बच्चों के लिए वार्ड, आईसीयू और अन्य व्यवस्थाएं करने में जुट तो गया है लेकिन बाल रोग विशेषज्ञों की कमी इतनी जल्दी पूरी करना संभव नहीं है। देहरादून जिले में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में बच्चों के डॉक्टरों की कुल संख्या 149 है जबकि 18 साल तक के बच्चों की संख्या पांच लाख के आसपास है। 

बच्चों के लिए हो रहे है इंतजाम 


तीसरी लहर से बच्चों को बचने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे है नोडल अधिकारी दिनेश डॉ. दिनेश चौहान ने जानकारी दी है की बच्चों के संक्रमित होने को दृश्टिगत रखते हुए उन्होंने कहा अस्पतालों में तैयारियां दुरस्त की जा रही हैं जिले में निक्कू और पीकू वार्ड का निरीक्षण किया गया है इसके साथ ही इसमें कितने बेड्स और बढ़ाएं जा सकते हैं। इन कार्यों पर लगातार प्रयास जारी है साथ ही सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बच्चों के लिए बेड्स बढ़ाने की जो भी संभावनाएं हैं।