सोमवार फिर तीन बार स्थगित हुई संसद ,जनता ने आपको चुनकर भेजा है ताकि आप यहां उनके मुद्दे उठा सकें

संसद में जिस दिन से मानसून सत्र की शुरुवात हुई है एक भी दिन सदन में कार्यवाही बिना शोर शराबे के नहीं हुई

सोमवार फिर तीन बार स्थगित हुई संसद  ,जनता ने आपको चुनकर भेजा है ताकि आप यहां उनके मुद्दे उठा सकें

सदन में जिस दिन से मानसून की शुरुवात हुई है एक भी दिन सदन में कार्यवाही बिना शोर शराबे के नहीं हुआ। वहीं हर दिन सदन को शोर और नारेबाजी के चलते स्थगित करना पड़ता है। सोमवार भी लोकसभा की कार्यवाही का हाल रोजाना की तरह रहा। आज भी लोकसभा को तीन बार स्थगित करना पड़ा सोमवार आज सदन की कार्यवाही दिन भर के बाद तीन बजे से शुरू की गई लेकिन तीन बार स्थगन के बाद भी विपक्षी दलों का हंगामा जारी रहा। हंगामे के चलते सभापति रमा देवी ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने को कहा और चर्चा लेने को कहा बावजूद इसके हंगामा थमा नहीं। 

कार्यवाही से पहले सैनिकों को किया स्मरण

सबसे पहले निचले सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कारगिल विजय दिवस के वीर सैनिकों को याद किया। कारगिल युद्ध में अपनी धरती की सुरक्षा के लिए बलिदान व शहीद हुए जवानों को ओम बिरला व सदन में मौजूद सभी मंत्रियों ने मौन रखकर जवानों के प्रति सम्मान प्रकट किया। अध्यक्ष बिरला ने ओलंपिक में महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू की उपलब्धि का जिक्र किया और सदन तथा अपनी ओर से उन्हें बधाई दी। 

‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए

सदन में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ‘फेक्टर विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020’ और ‘राष्ट्रीय खाद्य उद्यमिता और प्रबंध संस्थान विधेयक, 2021’ पारित किए गए. दोनों विधेयकों को पारित करने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए।  इससे पहले, हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश किया और मसूर दाल पर आयात शुल्क घटाकर शून्य करने तथा मसूर की दाल पर कृषि बुनियादी ढांचा विकास उपकर को भी आधा कर 10 प्रतिशत करने संबंधी अधिसूचना को पेश किया। 


जनता ने आपको चुनकर भेजा है 

हंगामे के चलते बिरला ने विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘‘जनता ने आपको चुनकर भेजा है ताकि आप यहां उनके मुद्दे उठा सकें लेकिन आप नारेबाजी कर रहे हैं, तख्तियां लहरा रहे हैं.’’ यह ठीक नहीं है। बिरला ने कहा कि सदस्य अपने स्थान पर जाएं और कार्यवाही चलने दें। हालांकि बिरला के समझाने पर भी सदस्यों के कान में जू ना रेंगी और  हंगमा जारी रहा। व्यवस्था ना बनते देख बिरला ने सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। 

कार्यवाही दोपहर 2:45 बजे आरंभ होने के बाद विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही जिसके बाद पीठासीन सभापति रमा देवी ने कार्रवाई तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की बैठक तीन बजे आरंभ होने के बाद भी हंगामा जारी रहा और शोर-शराबे के बीच ही दो विधेयकों के पारित होने के बाद रमा देवी ने अपराह्न करीब तीन बजकर 20 मिनट पर कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।