अपनी मांगों लेकर पेड़ों पर चढ़े आंदोलनकारी

लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर किसी तरह की कार्रवाई ना होने पर अपनी मांगों लेकर पेड़ों पर चढ़े आंदोलनकारी

अपनी मांगों लेकर पेड़ों पर चढ़े आंदोलनकारी

लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर किसी तरह की कार्रवाई ना होने पर शुक्रवार सुबह चार बजे से पांच आंदोलनकारी निवान की शीशी (एक प्रकार जा जहर) अपने हाथों में लेकर कलेक्ट्रेट स्थित शहीद स्मारक परिसर में पेड़ और छत पर चढ़ गए और वहां अपनी मांगों के लेकर विरोध करने लगे। उन्होंने कहा की हम तब उतरंगे जब हमारी मांगे पूरी की जाएगी। 


दी जाए पेंशन 

तत्काल सुचना मिलते ही पुलिस बल वहां पहुंच गई हालाकिं कई बार आंदोलनकारियों को समझाया गया लेकिन उन्होंने नीचे आने से साफ़ इंकार दिया और अपनी जिद्द पर अड़े रहे। वही राज्य आंदोलनकरियों की मांग है की उन्हें सरकारी सेवा भर्ती में 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण, कार्ड धारकों को पेंशन दी जाए और चिहि्नत आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन दी जाए।


अलग धनराशि में दे रही है पेंशन 

वही इस आंदोलन में भागिदार देवेश्वरी देवी पौड़ी,यशोदा रावत,रीना देवी चौहान पौड़ी,जगमोहन सिंह रावत उत्तरकाशी भटवाड़ी, जबकि पौड़ी थैलीसैंड की संपत्‍ति देवी पेड़ पर चढ़ी हैं। आंदोलनकारी सावित्री नेगी का कहना है की जब तक सरकार उनकी बातों को अनसुना कर रही है जिसके चलते उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा।चिहि्नत राज्य आंदोलनकरी मंच की प्रदेश महासचिव बीरा भंडारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारि‍यों की मांग पर सरकार ध्यान नही दे रही है। लंबे समय से एक समान पेंशन की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार किसी को 15 हजार, पांच हजार और 3100 रुपये दी जा रही हैं।