उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में टेली-परामर्श सुविधा नहीं हुई शुरू 

25 जुलाई से शुरू होने वाली राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टरों से टेली-कंसल्टेशन की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हुई है।

उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में टेली-परामर्श सुविधा नहीं हुई शुरू 
राज्य के दूरदराज के इलाकों में लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए, देहरादून, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वे टेली-परामर्श सुविधा शुरू करेंगे। उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के 400 से अधिक प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के इस नेटवर्क का हिस्सा बनने की उम्मीद है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा एक कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसके लिए हैदराबाद स्थित एक टेक कंपनी को नियुक्त किया गया है।


दून अस्पताल में ये सुविधा, जो टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून जिलों में गढ़वाल के 100 पीएचसी और सीएचसी को कवर करेगी, पिछले महीने शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन अभी इस कार्य को शुरू होने में दस दिन या उससे अधिक समय लगेगा। टेली-परामर्श के नोडल अधिकारी डॉ सुशील ओझा ने कहा, "हमारे ग्यारह विभागों ने कार्यक्रम में नामांकन किया है और इसमें नियमित रूप से सुबह ओपीडी घंटे होंगे। लगभग सभी के लिए मॉक कॉल की जा चुकी हैं और सिस्टम भी लग चुके है । हम इसे जल्द ही जनता के लिए चालू कर देंगे," डॉ सुशील ओझा ने कहा। ।


इस महीने के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसके शुरू होने के बाद उत्तराखंड यह सुविधा शुरू करने वाला 14वां राज्य बन जाएगा।