आपदा बचाव के लिए टिहरी हुआ अलर्ट बनाई क्विक रिस्पांस फोर्स टीम

बचाव राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की तर्ज पर डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स यानी डीडीआरएफ का किया गठन

आपदा बचाव के लिए टिहरी हुआ अलर्ट बनाई क्विक रिस्पांस फोर्स टीम

मानसून की आते बारिश की भारी तबाही से बचाव के लिए प्रशासन अलर्ट हो चुकी है और इसी के साथ एसडीआरएफ की तर्ज पर डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स यानी डीडीआरएफ का गठन किया जा चूका है। डीडीआरएफ की टीमें तहसीलों में तैनात कर दी गई है। जिसमें पीआरडी और होमगार्ड के 5-5 जवान शामिल हैं। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इन पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को खोज, बचाव और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग में सफल जवानों को लेकर जिला प्रशासन द्वारा डीडीआरएफ का गठन किया गया और ज़िले की सभी 10 तहसीलों में इन्हें तैनात कर दिया गया। 


दरअसल आपदा के समय डीडीआरएफ की टीमों को पहुंचने में समय लग जाता है जिसके चलते डीडीआरएफ टीम को हर तहसील में तैनात कर दिया है जिससे आपदा के समय टीम क्विक रेस्पॉन्स कर सके। वहीं तैनात पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को खोज, बचाव और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी गई और इन्हे जिले के सभी दस तहसीलों में इन्हे तैनात किया गया है। आपदा की दृष्टि से टिहरी ज़िले के घनसाली, नरेन्द्रनगर क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील हैं। हालांकि घनसाली में एसडीआरएफ की टीम पहले से मौजूद है। 

ऐसा दावा किया गया है। मानसून के चलते आपदा की दृष्टि से जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम द्वारा ज़िले की मॉनीटरिंग की जा रही है और अधिकारियों व कर्मचारियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट का कहना है। आपदा एक अप्रिय घटना है और ग्रामीणों की सुरक्षा के हित के चलते डीडीआरएफ टीम में शामिल जवानों को आपदा राहत बचाव कार्य आदि की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।