काबुल पर तालिबान का कब्ज़ा,आतंकवाद के आगे हारे राष्ट्रपति अशरफ गनी, नहीं कर पाए जनता की रक्षा

सोमवार को जिस तरह से एक शासन पर कब्ज़ा कर आतंक ने अपनी हुकमत जमा ली यह पुरे देश के लिए शर्मशार हैरान कर देने का मामला है.

काबुल पर तालिबान का कब्ज़ा,आतंकवाद के आगे हारे राष्ट्रपति अशरफ गनी, नहीं कर पाए जनता की रक्षा

सोमवार को जिस तरह से एक शासन पर कब्ज़ा कर आतंक ने अपनी हुकमत जमा ली यह पुरे देश के लिए शर्मशार हैरान कर देने का मामला है. आतंकवाद के आगे राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़कर भागना पड़ा अपनी जनता को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया क्यूंकि खुद राष्ट्रपति अशरफ गनी अपनी जनता की रक्षा नहीं कर पाए. तालिबान ने बीस साल बाद एक बार युद्ध में जीत हासिल की. रविवार को जिस वक़्त तालिबान के आतंकवादियों ने जिस वक़्त  राष्ट्रपति भवन को अपने कब्जे में लिए पूरी राजधानी में भय और दहशत फ़ैल गई हजारों लोग काबुल और तालिबान के इस्लामी कट्टर पंति शासन से बचने की कोशिश कर रहे थे, हवाई अड्डे पर भीड़ के रूप में अराजकता के दृश्य दिखाई दिए। 

रविवार को गनी भाग गए क्योंकि आतंकवादी समूह ने काबुल को घेर तालिबान के सैन्य दल ने जीत हासिल कर ली थी. इस बात की जानकारी खुद गनी अपने फेसबुक अकॉउंट से दी उन्होंने अपने एक बयान ने दिया की, "तालिबान ने अपनी तलवारों और बंदूकों के फैसले से जीत हासिल की है, और अब वे अपने देशवासियों के सम्मान, संपत्ति और आत्म-संरक्षण के लिए जिम्मेदार हैं। अमेरिकी सेना के समर्थन के बिना सरकारी बल ध्वस्त हो गए, जिसने 11 सितंबर के हमलों के बाद 2001 में आक्रमण किया और अल कायदा के समर्थन के लिए तालिबान को गिरा दिया। अरबों डॉलर खर्च करने और दो दशकों की सैन्य सहायता प्रदान करने के बावजूद, संयुक्त राज्य अमेरिका तालिबान का सामना करने में सक्षम लोकतांत्रिक सरकार बनाने में विफल रहा। 

राजधानी की सड़कों की दीवारों पर मॉडल्स गर्ल्स के पोस्टर लगे हुए थे तालिबान ने उन्हें सफ़ेद रंगों से रंगवा दिया ये दृश्य बेहद दुखद था. अशरफ गनी ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा अगर अभी भी अनगिनत देशवासी शहीद होते और वे काबुल शहर के विनाश और विनाश का सामना करते, तो परिणाम इस 60 लाख शहर में एक बड़ी मानव आपदा होती। तालिबान ने मुझे हटाने के लिए बनाया है, वे यहां सभी काबुल और काबुल के लोगों पर हमला करने के लिए हैं.