तारक मेहता की बबिता जी को कोर्ट से मिली राहत दर्ज मुकदमों की कार्यवाही पर रोक

चर्चित शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा की बबिता जी यानी मुनमुन दत्ता के खिलाफ चार राज्यों में दर्ज मामलों में कार्यवाही पर फिलहाल रोक

तारक मेहता की बबिता जी को कोर्ट से मिली राहत दर्ज मुकदमों की कार्यवाही पर रोक

चर्चित शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा की बबिता जी यानी मुनमुन दत्ता के खिलाफ चार राज्यों में दर्ज मामलों में कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। जस्टिस हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने मुनमुन दत्ता के खिलाफ महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में दर्ज मुकदमों की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। हालांकि हरियाणा में दर्ज मुकदमे पर कार्यवाही जारी रहेगी।


वकील ने कोर्ट में बताया कि मुनमुन दत्ता से अनजाने में गलती हो गई मुनमुन दत्ता का किसी जाती या सांप्रदायिक भावनाओं ठेस पहुंचना नहीं था। उनसे अनजाने में गलती हो गई थी और गलती का एहसास होने के चंद घंटों के बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया से वह पोस्ट वापस ले लिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया था, उसके बारे में सभी को मालूम है कि वह 'जातिसूचक' है। मुनमुन दत्ता के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 

दरअसल मुनमुन दत्ता ने सोशल मीडिया पर एक मेकअप टुटोरिअल वीडियो पोस्ट किया था जिसमे वो कहती नजर आती थी की मुझे भंगी नहीं दिखना जिसके बाद मुनमुन दत्ता का काफी विरोध जताया गया था। इस विरोध के चलते बल्कि एक नहीं चार राज्यों से मुनमुन के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। बता दें कि मुनमुन दत्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि उनकी मुवक्किल पश्चिम बंगाल से है और उसने जो 'भंगी' शब्द का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था, वह बांगला भाषा में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह शब्द 'जातिवादी' है।