सुबोध उनियाल: दवाब में आकर नहीं मिलेगी व्यापारियों को छूट, सरकार खुद आर्थिक हानि कर रही है सामना

अनलॉक की खबरे खूब सुर्खियां बटोर रही थी लेकिन जैसे ही एक जून आया सभी व्यापरियों के अरमानों पर पानी फिर गया

सुबोध उनियाल: दवाब में आकर नहीं मिलेगी व्यापारियों को  छूट, सरकार खुद आर्थिक हानि कर रही है सामना

गत दिनों पूर्व अनलॉक की खबरे खूब सुर्खियां बटोर रही थी लेकिन जैसे ही एक जून आया सभी व्यापरियों के अरमानों पर पानी फिर गया। उत्तराखंड के राज्य व्यापारियों को इस बात की अत्यधिक उम्मीद थी की एक जून आते ही बाजार खुलने में ढील दी जाएगी। लेकिन प्रसाशन ने एक जून को सभी व्यापारियों को छूट दी गई थी साथ ही सख्ती लागू की गई। लेकिन व्यापरियों के लिए सिर्फ इतनी छूट काफी नहीं है जिससे नाराज हुए व्यापारियों ने एकजुट होकर आंदोलन पर उतर आए है। साथ ही कोविड कर्फ्यू के कारण 43 दिनों से बाजार बंद होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे व्यापारियों की स्थिति डामाडोल हो चुकी है। 

दवाब नहीं लेंगे कोई फैसला 

इस आंदोलन को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने साफ़ साफ़ कहा है कि सरकार किसी के भी दबाव में आ कर बाजार और दुकानें नहीं खोलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में कोविड केसों में गिरावट देखने को मिली है। जून माह कोविड के अंत का माह होगा। इस अनलॉक कि वजह से ही कोरोना पर काबू पाया जा सका है वहीं आंकड़े अब एक हजार से भी कम हो चुके है।1 सप्ताह में केस घटकर औसत 500 रह जाएंगे। सुबोध उनियाल ने आगे कहा कि सरकार खुद भी आर्थिक तंगी का सामना कर रही है ऐसे में सरकार दवाब में आकर किसी तरह का गलत फैसला नहीं ले सकती है। 

पांच फीसदी से कम वाले राज्यों को खोलने के अनुमति 

केंद्र सरकार के कोविड संबंधी नियमों के तहत देश में केवल ऐसे ही जिले खोले जाएं जहां पर संक्रमित दर 5 फीसदी से कम हो और इस समय उत्तराखंड राज्य के अंदर तीन ही जिले इस कसौटी पर खरे उतर रहे हैं। वे जिले हैं - बागेश्वर, चंपावत और हरिद्वार। वहीं सरकार ने राज्य में कोविड केसों में हो रही गिरावट पर सरकार ने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी है।