कोरोना में अनाथ हुए सौ बच्चों को सोशल वर्कर जय शर्मा लेंगे गोद

कोरोना में अनाथ हुए सौ बच्चों को सोशल वर्कर जय शर्मा लेंगे गोद

कोरोना काल में लाखों लोगों ने अपनी आँखों के सामने अपनों को जान गवाते देखा पिछले दो साल की बात की जाए तो यह विश्वस्तर पर सबसे बड़ी महात्रासदी थी। लेकिन इस त्रासदी का शिकार हुए लाखों अभिभवाक की मौत से संकोड़ों बच्चे अनाथ हो गए। हालाकिं सरकार ने अनाथ हुए बच्चों के लिए आर्थिक मदद के जरिए से वात्सलय योजना बनाई है। बढ़ते हुए अनाथ बच्चों की संख्या को देखते हुए एक उम्मीद की किरण आई है जो देहरादून के सामजिक कार्यकर्ता के रूप में दिखी है जिसने ऐसे 100 बच्चों को गोद लेने की घोषणा की है, जो महामारी के दौरान अनाथ हो गए हैं। इस घोषणा के अनुसार शुरुआत भी कर दी गई है। 

जस्ट ओपन योर सेल्फ 

बता दे राजधानी देहरादून में जॉय यानी जस्ट ओपन योर सेल्फ के नाम से एनजीओ चलाने वाले जय शर्मा ने 100 अनाथ बच्चों को गोद लेने की बात कही है और 20 को तो गोद ले भी लिया है। अपने एनजीओ की फेसबुक पोस्ट में शर्मा ने लिखा, 'कोविड की दूसरी लहर के शुरुआती दो हफ्तों में ही ऐसे 5 परिवारों के केस हमारे सामने आए, जहां बच्चों के दोनों अभिभावक काल के शिकार हुए इस पूरी स्थिति से हमने सोचा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और भयानक होगी और हमें इसके लिए कुछ करना ही होगा। 


इस हफ्ते 50 बच्चों को लिया जाएगा गोद

जय ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा अब तक 20 ऐसे बच्चों की डाइट, दवाओं और वित्तीय जरूरतों को संभाल रहे हैं। इन 20 में से दो बच्चे देहरादून के हैं और बाकी राज्य के अन्य पहाड़ी इलाकों के है। जय ने उम्मीद जताई कि अगले एक हफ्ते में वह 50 बच्चों को गोद लेने का लक्ष्य पूरा कर लेंगे और उसके बाद सिल​सिलेवार ढंग से 100 बच्चों को. इन बच्चों को हर तरह का सहयोग तब तक दिया जाएगा, जब तक ये आत्मनिर्भर नहीं हो जाएंगे। एफबी पोस्ट के अनुसार शर्मा के एनजीओ ने महामारी के दौरान जरूरी चीज़ों को मदद के तौर पर पहुंचाने का काम किया था। गौरतलब है कि दिल्ली में DCPCR के एक सर्वे में बताया गया कि मार्च 2020 से महामारी के प्रकोप के चलते 2000 से ज़्यादा बच्चे अनाथ हुए, इनमें से 67 ने अपने दोनों पैरेंट्स को खोया. इस सर्वे के मुताबिक 1311 बच्चों ने अपने पिता और 651 ने अपनी मां को खोया।