यात्रा के दौरान अब तक 48 तीर्थयात्रियों की मौत, हृदय गति रूकने से अब तक 46 की मौत

केदारनाथ की यात्रा जहाँ जारी है वही यात्रा से दुखद ख़बरें कम होने का नाम नहीं ले रही है।

यात्रा के दौरान अब तक 48 तीर्थयात्रियों की मौत, हृदय गति रूकने से अब तक 46 की मौत
केदारनाथ की यात्रा जहाँ जारी है वही यात्रा से दुखद ख़बरें कम होने का नाम नहीं ले रही है। वही बीते गुरूवार को यात्रा के दौरान दो व्यक्तियों की हार्टअटैक के चलते मौत हो गई। कपाट खुलने के बाद से अब तक के सफर में 21 यात्रियों की मौत हो चुकी है। वहीं यमुनोत्री धाम में भी एक तीर्थयात्री की हार्ट अटैक से मौत हो गई. गुरुवार को कर्नाटक के मांड्या जिले के निवासी नागरत्न (57) बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। 

उसके साथी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, यमुनोत्री धाम की फुटपाथ पर महाराष्ट्र निवासी अरविंद उमाले (48) की जानकी चट्टी में अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसे परिजन पीएचसी ले गए. जहां डॉक्टरों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। यमुनोत्री धाम में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जिसमें दो यात्रियों की मौत हो गई है। वहीं गंगोत्री धाम यात्रा पर आए चार तीर्थयात्रियों की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाइपोथर्मिया (ठंड लगना) और ऑक्सीजन की कमी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

यात्रा के दौरान अब तक 48 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है, जिसमें 46 की मौत दिल का दौरा पड़ने से और दो की मौत पहाड़ी से गिरने से हुई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने कहा कि ये लोग पहले से ही किसी अन्य बीमारी या कोविड संक्रमण से लंबे समय से प्रभावित थे। स्वास्थ्य सचिव राधिका झा ने संबंधित जिलों को स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाने और प्रतिक्रिया समय को और कम करने का निर्देश दिया। उन्होंने सीएमओ रुद्रप्रयाग को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही करने वाले डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।