शांति कुंज के प्रमुख प्रणव पंड्या के खिलाफ यौन उत्पीड़न केस दर्ज, रसोई में काम करती थी नाबालिक

शांति कुंज के प्रमुख प्रणव पंड्या के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न के मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है साथ तीन महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें

शांति कुंज के प्रमुख प्रणव पंड्या के खिलाफ यौन उत्पीड़न केस दर्ज, रसोई में काम करती थी नाबालिक

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश चंद्र आर्य ने गुरुवार को जारी एक आदेश में नगर कोतवाली प्रभारी को हरिद्वार स्थित गायत्री परिवार (शांति कुंज) के प्रमुख प्रणव पंड्या के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न के मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है साथ तीन महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। 


मामला छत्तीसगढ़ की एक युवती से संबंधित है, जिसने 5 मई, 2020 को दिल्ली के विवेक विहार पुलिस स्टेशन में पांड्या के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसी दिन पांड्या और उनकी पत्नी के खिलाफ एक शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसे बाद में हरिद्वार स्थानांतरित कर दिया गया। जांच के बाद पुलिस ने 10 अक्टूबर 2020 को फाइनल रिपोर्ट दाखिल की।  


इस बीच, महिला शिकायतकर्ता अपने आरोपों से पीछे हट गई और कहा कि वह अदालत में मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। हालांकि, सीजेएम की अदालत ने अंतिम रिपोर्ट पर दलीलें सुनने के बाद महसूस किया कि मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए। इसलिए उसने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। 


मामले में जून, 2020 के पहले सप्ताह में वादी का बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत हरिद्वार में सत्र अदालत के समक्ष दर्ज किया गया था और बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी। अदालत के समक्ष दायर एक आवेदन में, यह आरोप लगाया गया था कि जुलाई 2010 में पंड्या द्वारा तीन अलग-अलग मौकों पर पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया था। उस समय एक नाबालिग, वह शांति कुंज में रसोई में काम करती थी।