काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा के बयान पर मचा घमासान

किसानों के आंदोलन को लेकर काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा द्वारा दिए गए बयान पर घमासान छिड़ गया है

काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा के बयान पर मचा घमासान

किसानों के आंदोलन को लेकर काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा द्वारा दिए गए  बयान पर घमासान छिड़ गया है, विधायक चीमा ने जहां किसानों के धरने को राजनीतिक लोगों से जोड़कर बयान दिया था वहीं अब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने विधायक के बयान की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा को किसान विरोधी करार दिया है, वहीं विधायक चीमा के बयान को लेकर किसानों में भी आक्रोश देखा जा रहा है।


आगामी चुनाव में देंगे किसान इसका जवाब 


किसानों के धरने में किसान नहीं राजनीतिक लोग शिरकत कर रहे है, जिसकी वजह से किसानों की वार्ता सरकार से नहीं हो पा रही है, जी हां ये कहना था भाजपा के काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा का, जिन्होने ये बयान देकर एक नए विवाद को खड़ा कर दिया है, भाजपा विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक दलों ने विधायक के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि ये किसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है, किसानों के आंदोलन को राजनीति से जोड़कर बयान देने वाले विधायक चीमा के बयान पर अब किसानों ने तेवर तल्ख कर दिए है, जहां उन्होंने विधायक की किसानों के प्रति सोच के लिए उनकी निंदा की वहीं किसानों का कहना था कि आगामी चुनावों में किसान इसका जवाब देंगे।


जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैॆ

वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी विधायक चीमा के बयान पर चीकी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए, विधायक को किसानों का विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार पुरी तरह से किसान विरोधी है और उनके विधायक और नेता भी किसानों के विरोध में बयान देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैॆ। बहरहाल पहले ही अन्नदाताओं के आंदोलन को कुचलने और अन्नदाताओं के साथ भाजपा का रवैया किसानों के खिलाफ ही रहा है वहीं पीलीभीत की घटना से किसान आक्रोशित है, वहीं अब भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा का इस तरह का विवादित बयान सामने आना मानो आग में घी डालने जैसा हो गया है, जिसको लेकर एक ओर किसान विवादित बयान से आक्रोशित है तो दूसरी ओर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को बैठे बिठाये भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है।