रेमडेसिविर कर सकता है नुकसान, जारी हुई बच्चों के लिए गाइडलाइन

तीसरी लहर की चपेट से बच्चों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने जारी की बच्चों के लिए नई गाइडलाइन

रेमडेसिविर कर सकता है नुकसान, जारी हुई बच्चों के लिए गाइडलाइन

तीसरी लहर की चपेट से बच्चों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों के लिए नई गाइड लाइन्स  बनाई है। गुरुवार को बच्चों के लिए नई गाइड लाइन्स के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने कहा है की 5 साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क अनिवार्य नहीं है वहीं 6 से 11 वर्ष के बच्चों को मास्क पहनने की सलाह दी जा सकती है। 

साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से कोरोना में हो रहे इलाज के लिए बच्चों को रेमडेसिविर इंजेक्शन ना देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इसमें बेहद जरूरी होने पर ही सीटी स्कैन कराने के लिए कहा गया है। रेमडेसेविर इंजेक्शन के इस्तेमाल के लिए DGHS ने स्पष्ट कहा है कि 3 साल से 18 साल के आयुवर्ग में इससे सही होने के पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में बच्चों में रेमडेसिविर का इस्तेमाल न किया जाए। 

जरूरत पड़ने पर ही करें बच्चों का सिटीस्कैन 

डीजीएचएस की गाइडलाइन के अनुसार माइल्ड और बिना लक्षण वाले कोरोना के मामलों में स्टेरॉयड का इस्तेमाल बच्चों लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। साथ ही DGHS ने कहा है कि सीने के स्कैन से उपचार में बेहद कम मदद मिलती है। ऐसे में चिकित्सकों को चुनिंदा मामलों में ही कोविड-19 मरीजों में एचआरसीटी कराने का निर्णय लेना चाहिए। स्टेरॉयड का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार मरीजों में ही इनका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही एक्स्पर्ट की निगरानी में ही इन मरीजों को स्टेरॉयड दी जानी चाहिए।