प्यार के खातिर घर वालो को ठुकराया आज घर वाले ही मांग रहे श्रद्धा के लिए इंसाफ...

ये कहानी प्यार की है या लव जेहाद की कहना मुश्किल है क्युकी जितना बड़ा अपराध लड़के ने किया है उससे बड़ा अपराध लड़की ने किया अपने माता पिता की बात न मान कर

प्यार के खातिर घर वालो को ठुकराया आज घर वाले ही मांग रहे श्रद्धा के लिए इंसाफ...

ये कहानी प्यार की है या लव जेहाद की कहना मुश्किल है क्युकी जितना बड़ा अपराध लड़के ने किया है उससे बड़ा अपराध लड़की ने किया अपने माता पिता की बात न मान कर अक्सर हम सोचते है की ऐज गैप होने  के नाते हमारे माँ बार हमे नहीं समझते मगर हम ये भूल जाते है की जिस उम्र के पड़ाव से हम गुजर रहे है हमारे माता पिता गुजर चुके है इसलिए वह इस बात को समझते है की हमारे लिए क्या सही है और क्या नहीं साथ ही कौन इंसान हमारा अपना है और कौन नहीं....

 

ऐसा ही कुछ श्रद्धा के माता पिता ने भी कोशिश की अपनी बेटी को समझाने कि,की जिस आफताब के लिए वह अपने माँ बाप से यह कह रही है की मै आज से आपकी बेटी नहीं वही आफताब एक दिन बेरहमी से उसे मौत के घाट उतारेगा श्रद्धा एक ऐसी लड़की जो जिंदगी को किसी की शर्तो पर नहीं बल्कि अपने अनुसार खुल कर जीना चाहती थी बेबाक अंदाज़ और समाज की परवाह न करना  श्रद्धा की ज़िन्दगी का उसूल था मगर साल 2019 ने श्रद्धा की ज़िन्दगी को पूरी तरह से बदल कर रख दिया बात साल 2019 की है मुंबई के पास वसई की रहने वाली श्रद्धा वाल्कर मलाड के एक कॉल सेंटर में काम करती थी. इसी कॉल सेंटर में श्रद्धा की जान पहचान आफताब अमीन पूनावाला से हुई. जान पहचान दोस्ती में बदली और फिर दस्तक दी प्यार ने  श्रद्धा ने आफताब के बारे में अपने घर में जिक्र छेड़ा, उसके बारे में माता पिता को बताया तो दोनों ने इस रिश्ते को नामंजूर कर दिया. मगर घर और समाज की परवाह ना करते हुए श्रद्धा ने आफताब के साथ अपनी लाइफ जीने का फैसला कर लिया.

 

और एक झटके में अपने माता पिता को कह दिया की मै ये घर छोड़ कर जा रही हु आज से मै आपकी बेटी नहीं और निकल पड़ी घर की दहलीज लांग कर आफताब के साथ अपना आशियाना बनाने पहले कुछ समय तक तो सब ठीक था मगर जब श्रद्धा ने आफताब से शादी करने को कहा तो आफताब का प्यार नफरत में बदल गया आफताब श्रद्धा के साथ मार पीट करने लगा श्रद्धा ने मार पीट की बात अपनी माँ को भी बताई माँ ने कई दफा समझाया की वापस आजाओ मगर श्रद्धा आफताब के प्यार में इस कदर दीवानी थी की उसे आफताब का मारना पीटना भी प्यार लगने लगा फिर एक वक्त आया जब श्रद्धा की सबसे अच्छी दोस्त उसकी माँ ने दुनिया को अलविदा कह दिया  मां की मौत हुई तो 2020 में वो घर वापस आई घर पर पिता से भी श्रद्धा ने मार पीट की बात कही तब पिता ने बेटी को घर रुकने को ही कहा.

 

मगर कुछ वक्त बाद आफताब ने श्रद्धा से माफी मांगी श्रद्धा  का दिल पिघल गया और फिर वह  दोनों साथ रहने लगे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसके बाद श्रद्धा और आफताब मई 2022 में दिल्ली शिफ्ट हो गए और फिर पिता ने भी बेटी से बातचीत बंद कर दी, लेकिन श्रद्धा ने दिल्ली जाने वाली बात अपने क्लासमेट लक्ष्मण को बताई थी. श्रद्धा के पिता का कहना है कि लक्ष्मण के जरिए ही बेटी की खैर खबर मिल जाया करती थी. मगर सितंबर में अचानक श्रद्धा ने फोन उठाना बंद कर दिया और फिर जब उन्होंने भी बातचीत करने की कोशिश की, बेटी को कॉन्टैक्ट किया तो बात नहीं हो पाई. 

 

लड़की दो ढाई महीने से गायब थी. लड़का हर बार स्टेटमेंट चेंज कर रहा था. मई से उसका मोबाइल, बैंक ट्रांजैक्शन बंद था. इस दौरान ये जानकारी सामने आई कि श्रद्धा और आफताब दिल्ली में 8 मई को पहुंचे थे. उसके बाद पहाडगंज के एक होटल में 1 दिन रुके. बाद में सैदुलाजाबा इलाके में एक होस्टल में रहे. फिर महरौली के मकान में 15 मई को शिफ्ट होने का फैसला किया. आफताब महरौली के मकान में पहले खुद शिफ्ट हुआ और अगले दिन श्रद्धा को लाया.

 

दिल्ली शिफ्ट होने के 10 दिन बाद ही आफ़ताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या की और आरी से 35 टुकड़े करके, अपने घर में रखे। इसके लिए आफताब एक नया बड़ा फ्रिज खरीदकर लाया। 18 दिन तक वह रात को दो बजे शरीर के टुकड़े को एक-एक कर प्लास्टिक बैग में लेकर जाता था और फेंक कर आ जाता था।पूछताछ में आफताब ने बताया की आफताब डेक्सटर नाम की वेब सीरीज से प्रेरित था. आरोपी को उसी सीरीज से बॉडी डिस्पोज करने का आइडिया आया था. मगर वो कहते है ना की अपराध चाहे जितना भी बड़ा क्यों ना हो और उसे छुपाने की चाहे जितनी भी कोशिश क्यों न की जाए मगर एक दिन सबके सामने आ ही जाता है

 

वही कुछ मीडिया रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है की श्रद्धा से पहले भी आफताब के कई लड़कियों से संबंध रहे है और जो की हिन्दू  समुदाय की ही रही है बहराल हम आज की युवा पीड़ी से यही अपील करेंगे की अपने माता पिता की बात जरुर सुने क्यूंकि दुनिया कैसी है इस से आप सभी वाकिफ है.