राकेश बापट ने साझा की तुम बिन की यादें, खून से लिखते थे फैंस चिट्ठियां, सफलता सर नहीं चढ़ती थी

वूट पर चल रहे बिग बॉस ओटीटी पर राकेश बापट को उनके संतुलित रुख के लिए काफी प्यार मिल रहा है ।राकेश बापट ने साझा की तुम बिन की यादें, सबसे पसंदीदा प्रोजेक्ट थी उनकी पहली फिल्म तुम बिन

राकेश बापट ने साझा की तुम बिन की यादें, खून से लिखते थे फैंस चिट्ठियां, सफलता सर नहीं चढ़ती थी

वूट पर चल रहे बिग बॉस ओटीटी पर राकेश बापट को उनके संतुलित रुख के लिए काफी प्यार मिल रहा है। साथी प्रतियोगी शमिता शेट्टी के साथ जोड़ी बनाने वाले अभिनेता ने शो में अपनी जगह बनाई है। राकेश, जो एक कलाकार और मूर्तिकार भी हैं, इस साल घर के अंदर अपना 43 वां जन्मदिन मना रहे हैं। राकेश बापट टीवी शो सात फेरे, सेवन, मर्यादा, कुबूल है, बहू हमारी रजनी कांत और तू आशिकी के साथ दिल विल प्यार व्यार और हीरोइन जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उनका सबसे पसंदीदा प्रोजेक्ट उनकी पहली फिल्म तुम बिन है, जिसने इस साल जुलाई में 20 साल पूरे किए है। 

कैसे हुई थी बच्चन परिवार से मुलाकात 

बिग बॉस ओटीटी हाउस में प्रवेश करने से पहले, राकेश ने फिल्म तुम बिन के बारे में इंडियनएक्सप्रेस से खुलकर बात की और अनुभव सिन्हा के निर्देशन के बनी इस फिल्म की कुछ मीठी यादें साझा की। हाल ही में बातचीत में राकेश ने बच्चन परिवार के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में दिलचस्प कहानी साझा की। उन्होंने बताया यह वह दिन था जब उन्होंने फिल्मसिटी के एडलैब्स में तुम बिन की स्क्रीनिंग के लिए अपने पूरे परिवार और माता-पिता को पुणे से बुलाया था। उसी दिन- 13 जुलाई 2001 को अक्स रिलीज़ हुई थी और वह स्क्रीनिंग हमारे सामने हो रही थी। इसलिए हम पार्किंग में इंतजार कर रहे थे।

यह तुम्हारा कॉम्पिटिटर है

अचानक मैंने अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, सभी को बाहर निकलते हुए देखा। जया जी ने मुझे दूर से देखा और मेरे पास आकर कहा, "तू वह बापट लड़का है ना? मुझे आपसे मिलकर बहुत गर्व हो रहा है, आप बहुत होनहार हैं। मैं अभिषेक से कहती रहती हूँ कि तुम्हारा ध्यान रखे। अभिषेक ने मुझे गले लगाया और कहा "यार, जब भी आपका प्रोमो आता है, मेरी माँ मुझे फोन करती है और कहती है कि इस लड़के को देखो, यह तुम्हारा कॉम्पिटिटर है। 

स्तब्ध रह गए थे माता पिता 

उन्होंने आगे कहा कि जया बच्चन ने अमिताभ बच्चन जी से मिलवाया, जो उनसे गर्मजोशी से मिले, जिससे उनके माता-पिता को यह मान्यता मिली कि राकेश ने फिल्म उद्योग में अपना नाम बनाया है। "अचानक मैं ऐसे दिग्गजों के सामने था और मुझे नहीं पता था कि क्या कहूं। बच्चन ने कहा कि तुम बिन एक अच्छी फिल्म लगती है। मेरा पूरा परिवार बच्चन परिवार को व्यक्तिगत रूप से देखकर स्तब्ध था। राकेश ने हँसते हुए कहा मुझे लगता है कि मेरे माता-पिता लगभग बेहोश हो गए थे। मेरे पिता इस पेशे को अपनाने के खिलाफ थे। वह चाहते थे कि मुझे नौकरी मिल जाए। लेकिन इस घटना ने उनका पूरा नजरिया बदल दिया कि मैं क्या कर रहा था। आपके द्वारा किए गए काम के लिए आपको ये मान्यता मिलती है। 

फैंस खून से लिखते थे पत्र 

राकेश, जो सिर्फ 20 साल का था जब उसने तुम बिन किया था, उन्होंने कहा चूंकि वह सोशल मीडिया का समय नहीं था, "सफलता किसी के सिर पर नहीं जाती। हालाँकि, वह इस बात से सहमत थे कि उनदिनों की फैंटेसी की मात्रा आज हमारे पास मौजूद नहीं है। मैं मुंबई में एक मौसी के यहां पेइंग गेस्ट के तौर पर रहता था। उस वक़्त कुछ मज़ीने पब्लिकेशन ने मेरा इंटरव्यू लिया था। उस वक़्त आंटी के घर में रोजाना पांच सौ पत्र आने लगे। डाकिया उन्हें पूरा दिन देने के लिए पागल हो जाता था। राकेश ने कहा कि कुछ फैंस खून से चिट्ठियां लिखते थे। 

कभी कभी डर जाता था 

किसी चिट्ठी में लिखा था कि 'मेरे पापा स्टेशन मास्टर हैं इसलिए अगर आपने जवाब नहीं दिया तो मैं ट्रैक पर कूद जाऊंगा। कभी-कभी मेरे लिए यह बहुत डरावना हो जाता था। वो तब जब आप सिर्फ बीस साल के हो,आप मुश्किल से समझ पाते हैं कि क्या हो रहा है। मैंने तुरंत उन्हें ऑटोग्राफ के साथ एक तस्वीर भेजी। यह पागल और लौकिक था। अगर आज यह सब होता है, तो आप ट्रोल हो सकते है।