तीन कृषि कानून को लेकर फिर हुआ विरोध, वृद्ध किसानों मिले पेंशन

तीन कृषि कानून को लेकर फिर हुआ विरोध, वृद्ध किसानों मिले पेंशन

देश भर में तीन कृषि कानून को लेकर विरोध जताया जा रहा है लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक इस मामले पर दुबारा किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की। वहीं राजधानी देहरादून में शनिवार आज फिर किसान यूनियन के संगठित व्यकितयों ने राष्ट्रपति को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। हालाकिं इस प्रदर्शन में जिला अध्क्षय एवं प्रदेश प्रवक्त्ता मुकीम अहमद, राजीव मालिक, सुशील मालिक, काविन चौधरी, मोहन, विजय व अभिशेख जी शामिल थे। 


500 किसान हो चुके है शहीद 

अपने ज्ञापन पर किसान यूनियन वालों ने साफ़ तौर पर लिखा है की पिछले डेढ़ साल से देश कोरोना महामारी के चपेट में है। वहीं केंद्र सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को ध्यान में रखते हुए तीन कृषि कानून को लागू कर दिया। इस फैसले से न खुश किसानों ने आपत्ति जताते हुए दिल्ली सीमाओं अलग अलग हिस्सों में 6 महीनों से प्रदर्शन कर रहे है यहां तक की 500 किसान शहीद हो चुके है। किसान यूनियन का राष्ट्रपति से निवेदन है की तीन कृषि कानून को रद्द किया जाए। तथा किसानों के सुझावों से नए कानून लाए जाएं। 

किसान यूनियन की मांगे 

तीन कृषि कानून बिल तत्काल वापस लिए जाए साथ किसानों के सुझाव से नए नियम लाए जाए। 
आंदोलनकारी किसानों के मुक़दमे वापस लिए जाए  
साठ साल पार कर चुके हर भारतीय वृद्ध किसानों को पांच हजार पेंशन दी जाए। 
सभी फसले खरीदने के लिए MSP तहत ली जाए साठ भारत सरकार  MSP से कम खरीदने पर सजा का प्रावधान हो। 
KKC का एक मुश्त कर्ज माफ़ किया जाए। 
गणना मूल्य भुगतान 14 दिनों में सरकार सुनिश्चित करे।