प्रशासन के नाक के नीचे से कैदी कर रहे थे रंगदारी, सात किलोग्राम गांजा और डेढ़ लाख रुपये नकद जब्त

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स की इकाइयों ने राज्यव्यापी कार्रवाई में मंगलवार को पौड़ी, ऋषिकेश, देहरादून, अल्मोड़ा और कोटद्वार में जिला जेलों सहित कई जगहों पर छापेमारी

प्रशासन के नाक के नीचे से कैदी कर रहे थे रंगदारी, सात किलोग्राम गांजा और डेढ़ लाख रुपये नकद जब्त

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स की इकाइयों ने राज्यव्यापी कार्रवाई में मंगलवार को पौड़ी, ऋषिकेश, देहरादून, अल्मोड़ा और कोटद्वार में जिला जेलों सहित कई जगहों पर छापेमारी की और अलग-अलग मात्रा में गांजा जब्त किया। इस छापेमारी के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। अल्मोड़ा में एसटीएफ की टीम ने जिला जेल में छापेमारी कर 24 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और तीन ईयरफोन जब्त किए हैं। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया, 'जेल में कैदी महिपाल सिंह और अंकित बिष्ट ड्रग रैकेट चलाते थे। दोनों अपराधी अन्य कैदियों को मोबाइल हैंडसेट इस्तेमाल करने देते थे और इसके लिए उनसे पैसे वसूल करते थे। 


सात किलों गांजा डेढ़ लाख रुपये नकद

कैदी जेल से मोबाइल फोन से ऑपरेशन संभालते थे। अंकित को ड्रग तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जबकि महिपाल हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस बीच देहरादून, कोटद्वार, ऋषिकेश और चमोली में छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया और करीब सात किलोग्राम गांजा और डेढ़ लाख रुपये नकद जब्त किए। हालाकिं यह रंगदारी का यह मामला कोई नया नहीं है इससे पहले अल्मोड़ा पुलिस ने बीते माह चार अक्टूबर को जेल में छापा मारा था। बैरक नंबर सात से तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, डेढ़ लाख रुपये नकद और चरस बरामद किया गया है। 


अधीक्षक सहित चार निलंबित 

बैरक नंबर सात में बंद कैदी कलीम मोबाइल की मदद से जेल से ही लोगों से रंगदारी की मांग कर रहा था। जांच के बाद जेल अधीक्षक सहित चार लोगों को निलंबित कर दिया गया। सुरक्षाकर्मियों के नाक के नीचे से इस तरह की रंगदारी होना सवाल उठता है क्यूंकि बीते माह भी बैरक से मोबाइल फ़ोन और सिम कार्ड बरामद किए जा चुके है लेकिन बावजूद बैरक के अंदर किसी तरह की सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई। साथ प्रशासन ही प्रशासन खुद भी सवालों के घेरे में है की आखिर हर बार पकड़े जाने बाद भी अपराधी बैरक में बैठे बैठे रंगदारी को अंजाम दे रहे है। 

एक एयर फोन, एक सिम और 24 हजार नकद

यहां की जेलें कैदियों को सजा देने और सुधारने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए हैं। यहां आकर कैदी आराम से अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं जो वे बाहर रहकर नहीं दे सकते। इसी का नतीजा है कि जेल में एक के बाद एक आपराधिक गतिविधियों के खुलासे हो रहे हैं। पौड़ी, कोटद्वार, बरोनवाला, देहरादून, ऋषिकेश, बरेली, शाहजहांपुर, अल्मोड़ा जेलों में एक साथ छापेमारी की गई है। अल्मोड़ा जिला जेल से दो कैदियों के पास से एक मोबाइल फोन, एक एयर फोन, एक सिम और 24 हजार नकद बरामद किया गया है। दोनों कैदियों की योजना जेल से नशीली दवाओं के व्यापार का एक बड़ा नेटवर्क स्थापित करने की थी। (अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ, देहरादून)