कानपुर देहात में 27 जून को दोस्ती का फर्ज निभाने पहुंच रहे है राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 27 जून को अपने दोस्त से मिलने कानपुर देहात जा रहे है इस खबर से पुरे गांव में ख़ुशी की लहर है

कानपुर देहात में 27 जून को दोस्ती का फर्ज निभाने पहुंच रहे है राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

आज के जमाने में आप भले किसी भी ऊंचे मुकाम पर पहुंच जाएं लेकिन कुछ ख़ास रिश्तों को आप जिंदगी में कभी नहीं भूल सकते और उन्ही में ख़ास रिश्ता है दोस्ती का जिसे निभाने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 27 जून को अपने दोस्त से मिलने कानपुर  देहात जा रहे है। राष्ट्रपति के दोस्त इस वक़्त बीमार चल रहे है जिसके चलते है राष्ट्रपति उनसे मिलने जा रहे है। जब उनके दोस्त कानपुर देहात निवासी सतीश मिश्रा को जैसे राष्ट्रपति की आने जानकारी मिली तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा. साथ ही अपने आप को धन्य मान रहे हैं कि राष्ट्रपति दोस्ती के खातिर उनसे मिलने कानपुर देहात आ रहे हैं। 


बता दे की नपुर देहात के इलाके भोगनीपुर के पुखरायां निवासी सतीश मिश्रा और रामनाथ कोविंद करीब 30 वर्षो से घनिष्ठ मित्र है। राष्ट्रपति को जब अपने दोस्त की बिमारी का पता चला तो उन्होंने तुरंत सतीश मिश्रा जी को फ़ोन किया और बिना शेड्यूल की परवाह किए बगैर अपने दोस्त से मिलने का वादा कर बैठे लेकिन अब दोस्त से वादा किया है तो राष्ट्रपति निभाने भी जरूर जाएंगे। राष्ट्रपति की आने की खबर भर से गांव भर ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी है। 

बीएनएसडी कॉलेज में पढ़ते थे साथ 

सतीश मिश्रा ने बताया कि रामनाथ से उनकी पहली मुलाकात बीएनएसडी कॉलेज में हुई वो दोनों साथ पढ़ते थे। इसके बाद आगे पढाई के लिए भी डीएवी कॉलेज में भी रहे। इसके बाद राष्ट्रपति एलएलबी करने लगे और वह पुखरायां वापस आ गए थे। उन्होंने बताया कि 1991 में जब रामनाथ कोविंद कानपुर की घाटमपुर से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने आए थे। इस दौरान फिर से पुरानी यादें ताजा हो गईं और मुलाकात होने लगी। सतीश मिश्रा ने बताया कि कस्बे के ही एक और मित्र रहे स्वर्गीय केदार द्विवेदी ने रामनाथ कोविंद को संघ के वीरेश्वर द्विवेदी से मिलवाया था और फिर अशोक सिंघल से उनका संपर्क कराया था. जिसके बाद उनकी दोस्ती और पक्की हो गई। 

दोस्ती गहरी होने के बाद हर छोटे बड़े कार्यक्रमों में भी परिवार के साथ आना-जाना लगा रहता था। राष्ट्रपति अपने हर कार्यक्रम में उन्हें जरूर बुलाते हैं, 8 अगस्त 2015 में जब रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल बने तो उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में विशेष अतिथि के रूप में बुलाया था. 20 जुलाई 2017 को राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी वह दिल्ली गए थे. अब 27 जून को राष्ट्रपति उनसे मिलने के लिए अपने परिवार के साथ आ रहे हैं, जिसको लेकर बेहद खुश हैं।