अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तानी तालिबानी कर रहे है लूटपाट: कमल थापा

उत्तराखंड सब एरिया जीओसी मेजर जनरल संजीव खत्री ने काबुल और अफगानिस्तान से सुरक्षित वापस आए भूतपूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों को बीते बुधवार को धन्यवाद दिया

अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तानी तालिबानी कर रहे है लूटपाट: कमल थापा

उत्तराखंड सब एरिया जीओसी मेजर जनरल संजीव खत्री ने काबुल और अफगानिस्तान से सुरक्षित वापस आए भूतपूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों को बीते बुधवार को धन्यवाद दिया. मेजर खत्री ने वतन वापसी किए हुए सैनिकों का स्वागत किया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गोरखा ब्रिगेड के अध्यक्ष, अतिरिक्त महानिदेशालय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्हें उन्होंने 108 फंसे हुए लोगों की सूची भेजी.


नौकरी का दिया आश्वासन

भारतीय, ज्यादातर उत्तराखंड के गोरखा रेजिमेंट के पूर्व सैनिक, जिन्होंने बदले में विदेश मंत्रालय / नाटो के साथ त्वरित कार्रवाई की अफगानिस्तान से पूर्व सैनिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की. मेजर जनरल संजीव खत्री वापस आए सैनिकों को मदद का आश्वासन दिया उन्होंने कहा की लौटे हुए नागरिकों को नौकरी अवसर प्रदान करेगी अगर कोई सैनिक उपनल या कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नौकरी करना चाहता है तो वह हेड क्वाटर में आकर संपर्क कर सकता है.इस अवसर पर मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया के कर्नल जनरल स्टाफ कर्नल समीर शर्मा भी मौजूद थे.


किए कई खुलासे 

अफ़ग़ानिस्तान से सलामती के साथ लौटे पूर्व सैनिकों ने बताया की किस तरह से पाकिस्तानी तालिबानी लोगों के घरों में लूटपाट कर रहे है. उन्होंने बताया की असली तालिबानी भारतीय नागरिकों को हवाई हड्डी तक पहुंचाने में मदद कर रहे है.  बता दे की बीते बुधवार को लौटे कमल थापा ने मेजर जनरल संजीव खत्री ने सब एरिया मुख्यालय में मुलाकात कर तालिबान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान में किए कब्जे को लेकर वहां के हालात बयां किए उन्होंने बताया की वह रह विदेशियों के लिए पाकिस्तानी तालिबानी खतरा बने हुए है.


तालिबानियों ने नंबर किया जारी 

इस दौरान उन्होंने बताया की तालिबानियों ने एक नंबर जारी किया जिसपर तालिबानियों ने कहा है किसी भी तरह की लूटपाट होने पर तत्काल उन्हें सुचना दे. तालिबानियों का पूरा मकसद वहां के विदेशियों के नागरिकों को निकालना है. देहरादून के सेलाकुई के निवासी कमल थापा अफ़ग़ानिस्तान में सलाउद्दीन ब्रिटिश कंपनी के लिए काम करते थे. कमल थापा की गस्त (ड्यूटी) ब्रिटिस एंबेसी की सुरक्षा में थी. जिस समय तालिबानियों ने कब्ज़ा किया था समय सभी लोकल सुरक्षा कर्मी मौके से भाग गए थे. वह केवल ब्रिटिश सेना के लोग बचे थे. तालिबानियों ने कहा सभी गेट के अंदर रहों. उस वक़्त के हालात देखकर कर लग रहा था की अब बच नहीं पाएंगे इसके बाद वह वह २१ तारीख तक रहें.


तालिबानी आ रहे थे तमीज से पेश 

देहरादून निवासी नितेश कुमार ने उन बिगड़ते हालातों का जिक्र किया उन्होंने बताया की वह अफ़ग़ान के एक होटल में फंस गए थे. जहाँ पर तालिबानियों ने अपना कब्ज़ा जमा लिया था. होटल में मौजूद सभी लोग बुरी तरह से डरे हुए थे लेकिन तालिबानियों ने हमलोगों को आश्वाशन दिया वो उन्हें कुछ नहीं करेंगे उन्होंने कहा की आराम से रहो खाने-पीने की व्यवस्था के लिए वो हमसे पूछ रहे थे. वही तालिबानियों का कहना था की उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है बल्कि पाकिस्तानी तालिबानी अवाम के घरों में घूस कर लूटपाट कर रहे है. इसके बाद तालिबानियों ने खुद होटल में फसें लोगों को हवाई हड्डे तक पहुंचाया था.