उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक पद के लिए केवल नियमित डी.ई.एल.एड पर विचार किया जाएगा

बहुत विचार-विमर्श के बाद, विभाग ने निर्णय लिया है कि राज्य में केवल उन उम्मीदवारों को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा

उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक पद के लिए केवल नियमित डी.ई.एल.एड पर विचार किया जाएगा

दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डी.ई.एल.एड) करने वाले अभ्यर्थियों की प्राथमिक शिक्षकों के रूप में प्रस्तावित नियुक्ति पर विरोध के मद्देनजर, उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने बुधवार को भर्ती मानदंड पर निर्णय लिया। सरकार ने मंगलवार को बेसिक शिक्षक भर्ती को लेकर स्पष्ट आदेश जारी कर दिए। एनआईओएस डीएलएलड वाले अभ्यर्थी भी वर्तमान शिक्षक भर्ती में मौका देने की मांग कर रहे थे। 

2500 रिक्त पदों पर नियुक्ति होनी है

बहुत विचार-विमर्श के बाद, विभाग ने निर्णय लिया है कि राज्य में केवल उन उम्मीदवारों को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा जिन्होंने नियमित मोड में डी.ई.एल.एड पाठ्यक्रम पूरा किया है। प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक के 2500 रिक्त पदों पर नियुक्ति होनी है। सरकारी बेसिक स्कूलों में 2600 से ज्यादा पदों पर भर्ती में एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिलेगा। 

नियुक्त प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है 

यह निर्णय ओपन लर्निंग डिप्लोमा धारकों के लिए एक झटका है, जो पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षकों के रूप में नियुक्त होने के लिए आशान्वित हो गए थे, उन्होंने घोषणा की कि उन्हें भी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। शिक्षा सचिव राधिका झा ने बताया कि हाईकोर्ट ने सरकार को प्रवृत्त नियमों के अनुसार नियुक्तियां करने को कहा है। 

डीएलएड सरकार के समक्ष नहीं आया था 

उन्होंने कहा जिस वक्त इन पदों के लिए विज्ञप्ति जारी हुई थी तब तक एनआईओएस डीएलएड का विषय सरकार के सामने नहीं आया था। एनआईओएस डीएलएड शिक्षक भर्ती के राज्य के स्थापित नियमों में फिलहाल शामिल नहीं है। भविष्य में होने वाली भर्तियों में इस पर विचार किया जा सकता है। कुछ समय पहले हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती शुरू करने की अनुमति दी थी लेकिन शिक्षा निदेशालय डीएलएड को लेकर विचार में था।

महज 18 महीनों का है 

वर्ष 2019 की संशोधित राजकीय प्रारंभिक शिक्षा (अध्यापक) संशोधन नियमावली के अनुसार दो वर्षीय डीएलएड डिप्लोमा को बेसिक शिक्षक के लिए अनिवार्य पात्रता माना गया है। जबकि एनआईओएस डीएलएड महज 18 महीने का ही है। शासन के आदेश के बाद अब केवल सरकारी डायट से दो साल का डीएलएड करने वाले और बीएड टीईटी ही शामिल हो सकते हैं।