सिर्फ 15,000 तीर्थयात्री कर पाएंगे केदारनाथ में दर्शन, जारी हुई नहीं गाइडलाइन

केदारनाथ में तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से रोजाना आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या तय की गई है

सिर्फ 15,000 तीर्थयात्री कर पाएंगे केदारनाथ में दर्शन, जारी हुई नहीं गाइडलाइन

केदारनाथ में तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से रोजाना आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या तय की गई है। यात्रियों की संख्या के निर्धारण पर ट्रांसपोर्टरों ने भी मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। चारधाम यात्रा प्रशासन के नोडल अधिकारी एके श्रीवास्तव द्वारा केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या एक दिन में 15,000 और यमुनोत्री में पांच हजार करने का निर्णय लिया गया है। यात्रियों की सुविधा को लेकर स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है। 


सरकार की ओर से केदारनाथ में तीर्थयात्रियों के दर्शन की क्षमता 15 हजार और यमुनोत्री में पांच हजार कर दी गई है। यात्रियों की संख्या तय होने के बाद अब यात्रियों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर दर्शन की तारीख मिल रही है. केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को आईएसबीटी स्थित चारधाम यात्रा पंजीकरण काउंटर पर 20 मई की तारीख मिल रही थी। टीजीएमओ कंपनी सचिव हिम्मत सिंह रावत ने बताया कि एक तरफ सरकार 30 लाख यात्रियों के आने का दावा कर रही है। वहीं केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या एक दिन में 15 हजार तय करने से बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को परेशानी होगी। 


बता दे जो यात्री अपना प्लान बनाकर घर से निकले हैं। अगर ऋषिकेश पंजीकरण के दौरान उन्हें दर्शन के लिए 15 दिन बाद की तारीख मिलती है तो वे परेशान हो जाएंगे। सरकार व्यवस्था दुरुस्त करे और केदारनाथ जाने वालों की संख्या बढ़ाकर 30 हजार करे। ट्रांसपोर्टर मदन कोठारी ने बताया कि कई यात्रियों ने हेली सेवा के लिए टिकट बुक करा लिया है। अगर उस दिन उन्हें दर्शन की तारीख नहीं मिली तो टिकट बेकार हो जाएगा। सरकार को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार कर तीर्थयात्रियों के केदारनाथ जाने का क्रमांक वापस लेना चाहिए।