सत्र के आखिरी दिन में मिली छात्रों को सौगात, भूमि कानून से जुड़े मुद्दों की जांच करेगी धामी सरकार

उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार के नेतृत्व में एक समिति गठित की जाएगी

सत्र के आखिरी दिन में मिली छात्रों को सौगात, भूमि कानून से जुड़े मुद्दों की जांच करेगी धामी सरकार

उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार के नेतृत्व में एक समिति गठित की जाएगी, जो पहाड़ी में भूमि कानून से जुड़े मुद्दे की जांच करेगी. सीएम ने यह भी घोषणा की कि 1 लाख डिग्री कॉलेज के छात्रों को मुफ्त टैबलेट दिए जाएंगे। इस कदम से राज्य के खजाने पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस पर सीएम ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों को मुफ्त टैबलेट देने की घोषणा की थी. 

एमएलएएलएडी फंड से पैसा काटना बंद कर देगी राज्य सरकार 

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार एमएलएएलएडी फंड से पैसा काटना बंद कर देगी ताकि विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों को अधिक कुशलता से कर सकें. अभी तक एमएलएएलएडी फंड से कोविड-19 संकट से लड़ने के लिए एक करोड़ रुपये लिए जा रहे थे. साथ ही, कॉन्स्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, पटवारी, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम विकास पंचायत अधिकारियों को उनके योगदान के लिए 10,000 रुपये का एक राशि अनुदान दिया जाएगा.


छात्रवृत्ति में हुई बढ़त 

सत्र के दौरान कांग्रेस ने शौचालयों की कमी और छात्राओं की समस्याओं का मुद्दा उठाया. जिस पर, सीएम ने घोषणा की कि प्रत्येक राज्य द्वारा संचालित स्कूल में शौचालय होगा और छात्राओं के लिए एक अलग व्यवस्था होगी. इस दौरान शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति योजना के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये और लाभार्थियों की संख्या 11 से बढ़ाकर 100 कर देने की बा कही. इसी तरह श्री देव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत दी जाने वाली राशि को 150 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये तक कर दिया है. इसके अलावा 600 और स्कूलों को वर्चुअल कक्षाओं से जोड़ा जाएगा.


सात विधेयक हुए पारित 

सत्र के बाद, अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा, "यह एक उपयोगी सत्र था जहां अधिकांश सवालों के जवाब दिए गए थे.सदन में कुल सात विधेयक पारित हुए।” उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय मानसून सत्र 28 घंटे 22 मिनट तक चला.