अब हरित ऊर्जा से रोशन होंगे उत्तराखंड के 6 रेलवे स्टेशन, लगाए जा रहे है सोलर पैनल

उत्तराखंड मे बिजली बचाने हेतु सबसे अच्छा कदम उठाया गया है। अब उत्तराखंड के रेल्वे स्टेशन हरित ऊर्जा से रोशन होंगे।

अब हरित ऊर्जा से रोशन होंगे उत्तराखंड के 6 रेलवे स्टेशन, लगाए जा रहे है सोलर पैनल

उत्तराखंड मे बिजली बचाने हेतु सबसे अच्छा कदम उठाया गया है। अब उत्तराखंड के रेल्वे स्टेशन हरित ऊर्जा से रोशन होंगे। बिजली खर्च बचाने के हरित ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा। हरित ऊर्जा का दायरा इतना बड़ा होगा कि स्टेशन की लाइटों के अलावा सिग्नल प्रणाली भी इसी से संचालित किए जाएंगे। इसके लिए देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश समेत उत्तराखंड के छह स्टेशनों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए जा रहे हैं।

 

 

कोरोना काल में हुए नुकसान को मद्देनजर रखते हुए अब रेलवे पर्यावरण संरक्षण को लेकर रेलवे बेहद गंभीर है और इसी गंभीरता के चलते रेलवे कई तरह की योजनाएं बना रहा है। बता  दे रेलवे की बिजली मे लाखों रूपये खर्च होता है। अब इसी खर्च को बचाने के लिए रेलवे हर स्टेशन पर सोलर प्लेट लगाने का कार्य किया जा रहा है। ताकि स्टेशनों पर होने वाली ऊर्जा की खपत को ज्यादा से ज्यादा हरित ऊर्जा से पूरा किया जा सके।

 

 

वहीं, परंपरागत ऊर्जा स्त्रोतों के लगातार खत्म हो रहे भंडार को देखते हुए ऊर्जा मंत्रालय देशभर में हरित ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है। रेलवे सर्वाधिक ऊर्जा की खपत करने वाले विभागों में से एक है। ऐसे में रेल परिसरों में चलने वाले तमाम उपकरणों के लिए भी हरित ऊर्जा के तौर पर सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत छह स्टेशनों पर सौर ऊर्जा की प्लेटें लगाई जा रही हैं। संवाद 

 

पूरी बिल्डिंग को मिलेगी बिजली

सौर ऊर्जा पैनल लगने से पूरे स्टेशन को बिजली मिलेगी। पावर केबिन से लेकर रिटायरिंग रूम, रनिंग रूम, वेटिंग हॉल, आरक्षण कक्ष, साधारण टिकट काउंटर, जीआरपी, आरपीएफ के थाने, अतिथि कक्ष में भी सौर ऊर्जा से ही कूलर, पंखे व लाइटें चलेंगी। वहीं, हरिद्वार और देहरादून रेलवे स्टेशन पर तो ट्रेनों को धोने के लिए भी सौर ऊर्जा पैनल का ही इस्तेमाल किया जाएगा। 

स्टेशन बिल्डिंग, सिक लाइन, बुकिंग ऑफिस होगा रोशन

देहरादून रेलवे स्टेशन पर बिल्डिंग को रोशन करने के लिए 84.18 मेगावाट का पैनल लगाया जाएगा। जबकि सिक लाइन और कंप्रेशन रूम के लिए 19.5 मेगावाट का पैनल लगाया जाएगा। द्वितीय बुकिंग ऑफिस में 20.14 मेगावाट का पैनल लगेगा। हरिद्वार में बिल्डिंग के लिए 28 मेगावाट, वाशिंग लाइन के लिए 5.2 मेगावाट का पैनल लगाया जाएगा।