नौ ब्राह्मणों ने छह दिन तक किया सीएम आवास का वस्तु ठीक, मंगल गीतों के साथ किया प्रवेश

नौ ब्राह्मणों ने छह दिन तक पूजा-अर्चना और यज्ञ पाठ किया। वहीं सीएम आवास में जहां जहां वास्तु को ठीक नहीं माना नहीं गया उनकी मरम्मत भी करवाई गई है

नौ ब्राह्मणों ने छह दिन तक किया सीएम आवास का वस्तु ठीक, मंगल गीतों के साथ किया प्रवेश

कही वास्तुदोष तो कही भूतिया कहानियों से लिप्त सीएम आवास जाने से पहले सीएम धामी ने यज्ञ हवन करा लिया। सीएम आवास को नौ ब्राह्मणों ने छह दिन तक पूजा-अर्चना और यज्ञ पाठ किया। वहीं सीएम आवास में जहां जहां वास्तु को ठीक नहीं माना नहीं गया उनकी मरम्मत भी करवाई गई है। 

बीते सोमवार यानि की सावन के दूसरे सोमवार को सीएम धामी अपनी पत्नी गीता धामी संग मांगल गीतों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सीएम आवास में प्रवेश किया। उन्हें मांगल तिलक लगाया पहाड़ी परंपरा के अनुसार, ढोल-दमौ व रणसिंघा के बीच उन्होंने परिसर में बने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद सीएम ने गौशाला में गाय की पूजा की और पूरे भवन की परिक्रमा की। भवन के द्वार भाग की पूजा के बाद अंदर दाखिल हुए धामी ने अपनी मां के चरण छुए और उनका आशीर्वाद लिया।


वहीं, कुछ हिस्सों में अभी भी मरम्मत का काम चल रहा है। वास्तु के अनुसार आवास की खिड़कियों, कमरों, बैठक, भोजनालय, चूल्हे, पानी की स्थिति में बदलाव किया गया है। वहीं, अभी भी कई कोणों को बदलने का काम जारी है। आचार्य डॉ. संतोष खंडूड़ी ने पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनके परिवार को गृह प्रवेश करवाया। सीएम आवास को लेकर यह धारणा है कि जो भी सीएम यहां रहा, वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। सबसे पहले यहां रहने वाले पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की असमय विदाई हुई।

आचार्य डॉ. संतोष खंडूड़ी ने बताया कि 21 से 26 जुलाई तक नौ ब्राह्मणों ने आवास में विधिवत वास्तु स्थापना, वास्तु पूजन, देवी देवताओं का आह्वान, महाविद्या, रुद्री, गायत्री, चंडी, दुर्गा सप्तशती का पाठ कर स्थान को जागृत और सिद्ध किया। इसके अलावा वास्तु के अनुसार भवन में बड़े पैमाने पर बदलाव भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बेडरूम की खिड़कियां दक्षिण दिशा में खुल रही थीं, जिन्हें बंद कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि भवन के पिछले दक्षिण में आंगन झुका हुआ है, जो वास्तु के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। यह दोष भवन में रहने वालों को भय और अस्थिरता प्रदान करता है। इसलिए उस हिस्से में मिट्टी भरकर उसे उठाया जा रहा है। उसके बाद आंगन को समतल किया जाएगा।