चाचा पशुपति की नाराजगी पर भतीजे चिराग पासवान ने पुराने पत्र के जरिए दी प्रतिक्रिया

अपनों के साथ छोड़ने से अकेले पड़ चुके चिराग पासवान ने पत्र के जरिए याद दिलाई चाचा को पुरानी बातें

चाचा पशुपति की नाराजगी पर भतीजे चिराग पासवान ने पुराने पत्र के जरिए दी प्रतिक्रिया

बिहार की राजनीती में पारिवारिक राजनीती में बुरी तरह से उलझती जा रही है। वहीं युवा बिहारी नेता चिराग पासवान इस समय अपनी ही पार्टी में अकेले पड़ गए चुके है। नाराज चल रहे चाचा पशुपति कुमार पारस और भाई प्रिंस राज की बगावत के बाद उनकी पार्टी के सभी सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया है। इस घटना से निराश हुए चिराग ने इस बगावत पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

चिराग पासवान ने ट्विटर पर लिखा, ''पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए किए मैंने प्रयास किया लेकिन असफल रहा। पार्टी मां के समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है।पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं. एक पुराना पत्र साझा करता हूं.''


पहुंचे थे चाचा को मानाने 

सोमवार को चिराग अपने चाचा पशुपति कुमार पारस को उनके घर मानाने पहुंचे थे लेकिन चाचा की भतीजे के प्रति इतनी गहरी नाराजगी दिखाई की चिराग के लिए चाचा के घर के दरवाजे नहीं खुले लेकिन चिराग अपनी गाड़ी में देर तक इन्तजार करते रह गए लेकिन चचा और चचरे भाई प्रिंस का दिल नहीं पिघला। बता दे की दिवंगत दिग्गज नेता रामविलास पासवान के जाने के बाद उनकी लोक जनशक्ति पार्टी अब (लोजपा) टूट गई है वहीं लोजपा के पांचों सांसदों ने चिराग पासवान को पार्टी के संसदीय दल के नेता पद से हटा दिया है और उनके बागी चाचा पशुपति पारस पासवान को नया नेता चुना है।