एनसीपीसीआर ने इंस्टाग्राम को लिखा पत्र, राहुल का इंस्टा अकाउंट हो निलंबित

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम को पत्र लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खातों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

एनसीपीसीआर ने इंस्टाग्राम को लिखा पत्र, राहुल का इंस्टा अकाउंट हो निलंबित

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम को पत्र लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खातों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने एक नाबालिग पीड़िता के परिवार की एक तस्वीर पोस्ट की जिसका दिल्ली में बलात्कार और हत्या कर दी गई थी। इसी कारण से शीर्ष बाल अधिकार निकाय ने पहले ट्विटर पर माइक्रोब्लॉगिंग साइट को राहुल गांधी के हैंडल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था जिसके बाद उनका खाता निलंबित कर दिया गया था। 


मृतका के परिवार का किया था खुलासा 

फेसबुक को लिखे एक पत्र में आयोग ने कहा कि उसे गांधी के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला है जिसमें पीड़ित नाबालिग लड़की के परिवार की पहचान का खुलासा किया गया है। जारी हुए वीडियो में मृतक लड़की के पिता और मां के चेहरे साफ देखे जा सकते हैं, जो कानून के निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन है। एनसीपीसीआर ने फेसबुक से किशोर न्याय अधिनियम, 2015, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के उल्लंघन पर गांधी के इंस्टाग्राम प्रोफाइल के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए कहा और हटाने की मांग की। 

क्या कहता है कानून 

किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 74, मीडिया के किसी भी रूप में बच्चे की पहचान के प्रकटीकरण को प्रतिबंधित करती है और पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 में यह भी कहा गया है कि बच्चे की कोई भी जानकारी या फोटो किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए। मीडिया जो बच्चे की पहचान उजागर कर सकता है। POCSO अधिनियम की धारा 23 के तहत इस जानकारी में उसका नाम, पता, फोटो, परिवार का विवरण, स्कूल, पड़ोस या कोई अन्य विवरण शामिल है जिससे बच्चे की पहचान का खुलासा हो सकता है।

आईपीसी के 228ए और माननीय न्यायालय के दिशा-निर्देश के मुताबिक नाबालिग पीड़िता के परिवार के वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म-इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना आयोग द्वारा किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 74, पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23, धारा का उल्लंघन माना गया है।