टिहरी में बहू के साथ हिंसा के आरोप में सास और नंद को किया गिरफ्तार

बहु को गर्म तवे से जलाने, मारपीट करने, खाना न देने और कैद रखने के आरोप में पुलिस ने सास-नंद को गिरफ्तार कर लिया है.

टिहरी में बहू के साथ हिंसा के आरोप में सास और नंद को किया गिरफ्तार

बहु को गर्म तवे से जलाने, मारपीट करने, खाना न देने और कैद रखने के आरोप में पुलिस ने सास-नंद को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर महिला को करीब 20 जगह से जला दिया। महिला के परिजन जब उसे बचाने पहुंचे तो वह बिना कपड़ों के किचन में कैद मिली।

 

जखनीधर प्रखंड के धर्ममंडल के रिंडोल गांव निवासी पीड़िता प्रीति की मां सरस्वती देवी ने शिकायत देकर पुलिस को मामले की जानकारी दी. बताया कि प्रीति की शादी 12 साल पहले विकासनगर के जीवनगढ़ निवासी अनूप जगुड़ी से हुई थी। पिछले एक हफ्ते से वह अपनी बेटी को फोन कर रहे थे, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो था। 16 सितंबर को सरस्वती देवी अपने बेटे जितेंद्र रतूड़ी के साथ बहू के घर जीवनगढ़, विकासनगर पहुंचीं। इधर सास ने प्रीति से मिलने से साफ इनकार कर दिया। जब वह जबरन घर में घुसा तो प्रीति किचन में अर्ध-नग्न अवस्था में पड़ी मिली। उसके शरीर पर करीब 20 जलने के निशान मिले हैं। वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थी। इस पर वह प्रीति को रिंडोल ले गए।

 

उन्होंने बताया कि प्रीति का पति अनूप मानसिक रूप से कमजोर है। आर्थिक तंगी के चलते प्रीति को पिछले कई सालों से प्रताड़ित किया जा रहा था। बार-बार आश्वासन देने पर कि ऐसा नहीं होगा, वह प्रीति को ससुराल छोड़ देता था, लेकिन उसका शारीरिक उत्पीड़न नहीं रुका। एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर पीड़िता की सास सुभद्रा देवी, नंद जया जगुरी और ससुर देवेंद्र दत्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि देवेंद्र दत्त सेना में तैनात हैं। स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें इलाज के लिए देहरादून भेजा गया है। नामजद पीड़िता की सास व नंद को दहेज प्रताड़ना, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जीवनगढ़ विकासनगर से गिरफ्तार कर लिया गया है.

 

पीड़िता ने बताया कि उसकी सास-नंद काफी समय से उसे प्रताड़ित कर रही थी। वह उसे गर्म तवे से जलाती  थी। कभी-कभी उस पर गर्म पानी डाला जाता था। उसकी चीख किसी को सुनाई ना दे, इसलिए प्रीती के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया जाता था। उसे कई दिनों तक खाना नहीं दिया जाता था, वह किसी तरह झूठी थाली में बचा हुआ खाना खाकर गुजारा कर रही थी। बताया कि प्रीति के दो बेटे और एक बेटी के साथ उसके पति ने भी उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पति उसकी मानसिक कमजोरी के कारण कुछ नहीं कर पाया. बताया कि ससुर जब छुट्टी पर आते थे तो उनके साथ मारपीट भी करते थे।