अमृत योजना के तहत बनने वाले सेप्टेज टेंक निर्माण में हो रहा है धन का दुरूपयोग

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पलिता लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ पेयजल मंत्री ने जांच के आदेश देते हुए योजना को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए है

अमृत योजना के तहत बनने वाले सेप्टेज टेंक निर्माण में हो रहा है धन का दुरूपयोग

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पलिता लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ पेयजल मंत्री ने जांच के आदेश देते हुए योजना को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए है, खबर दिखाए जाने के बाद पेयजल मंत्री ने खबर का संज्ञान लेते हुए काशीपुर में बनने वाले सेप्टेज टैंक में हो रही देरी और काम पूरा होने से पहले खरीदी गई करोड़ों की मशीनों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए है। 


चार सालों में भी नहीं पूरी हो पाई योजना 

काशीपुर में पेयजल निगम (drinking water corporation) के अधिकारी कैसे धन का दुरुपयोग कर रहे हैं, और कैसे वित्तीय अनियमितताएं कर जीरो टॉलरेंस सरकार की धज्जियां उडा रहे हैं, दरअसल काशीपुर में अमृत योजना के तहत बनने वाले सेप्टेज टेंक निर्माण में जिस तरह से धन का दुरुपयोग हुआ है उससे जाहिर है कि अधिकारियों ने निजी स्वार्थ के चलते योजना में मशीनों की खरीद में जल्दबाजी की यही नहीं योजना दो वर्ष में पूरी होना थी लेकिन चार सालों में भी पुरी नहीं हो पाई लेकिन विभाग के अधिकारी चैन की नींद सोए हुए हैं। 


पेयजल मंत्री ने दिए जाँच के आदेश 

वहीं अब  इस पुरे मामले का संज्ञान लेते हुए पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने जांच के आदेश दिए है, साथ ही योजना को समय पर पुरा करने के सख्त निर्देश भी अधिकारियों को दिये है। जल निगम में सेप्टेज टैंक निर्माण में बड़े घोटाले के आसार नजर आ रहे है, विभाग कार्यशैली पर लगातार ही प्रश्नचिन्ह लग रहे है, करोड़ों की योजना में कछुआ चाल की तरह काम होना और समय से पहले करोड़ों की मशीन मंगवा कर केवल उसपर धुल पड़ने देखना यह अपने आप में सवाल खड़ा करता है। वहीं विभाग मंत्री के जांच के आदेश के बाद देखना होगा कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और कितना दूध का दूध पानी का पानी होता है।