मलाला ने अफगान महिलाओं और अवाम को लेकर जताई चिंता, सहायता प्रदान करने का किया आग्रह

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के काबिज से स्तब्ध चौबीस वर्षीय पाकिस्तानी मलाला यूसुफजई ने तालिबान के हालात को देखकर चिंता जताई है

मलाला ने अफगान महिलाओं और अवाम को लेकर जताई चिंता, सहायता प्रदान करने का किया आग्रह

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के काबिज से स्तब्ध चौबीस वर्षीय पाकिस्तानी मलाला यूसुफजई ने तालिबान के हालात को देखकर चिंता जताई है. महिलओं की शिक्षा और अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली मलाला को तालीबान आतंकियों से गोली खानी पड़ी थी. अफगान और काबुल के हालात देख कर मलाला ने कहा है की त्काल युद्धविराम का आह्वान करने और नागरिकों को सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है.

अफगानिस्तान में लंबे समय से चला आ रहा युद्ध रविवार को उस समय चरम पर पहुंच गया जब तालिबान के आतंकियों ने शहर में प्रवेश करने से पहले काबुल में प्रवेश किया और राष्ट्रपति के महल पर कब्जा कर लिया .जिससे राष्ट्रपति अशरफ गनी को साथी नागरिकों और विदेशियों के साथ देश से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाकी बचे दो शहरों मजार-ए-शरीफ और जलालाबाद के रातोंरात ढह जाने के बाद तालिबान विद्रोहियों ने काबुल की ओर बढ़ना शुरू कर दिया।

मलाला ने कहा है हम पूरे सदमे में देखते हैं क्योंकि तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया है। मुझे महिलाओं, अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों की अधिवक्ताओं की गहरी चिंता है। मलाला ने लिखा, विश्व, क्षेत्रीय और स्थानीय शक्तियों को तत्काल युद्धविराम का आह्वान करना चाहिए, तत्काल मानवीय सहायता प्रदान करनी चाहिए और शरणार्थियों और नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए।