लखनऊ: सोशल मीडिया पर नाबालिक को करता था ब्लैकमेल खुद को बताता था एनआरआई

लखनऊ से एक 23 वर्षीय व्यक्ति को इंस्टाग्राम पर नाबालिग लड़कियों से कथित तौर पर संपर्क करने और उन्हें उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजने के बाद ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

लखनऊ: सोशल मीडिया पर नाबालिक को करता था ब्लैकमेल खुद को बताता था  एनआरआई

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक 23 वर्षीय व्यक्ति को इंस्टाग्राम पर नाबालिग लड़कियों से कथित तौर पर संपर्क करने और उन्हें उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजने के बाद ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने कहा कि आरोपी की पहचान एसी मैकेनिक अब्दुल समद के रूप में हुई है और उसे लखनऊ में उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। आरोपी का मोबाइल बरामद किया है जिसमें कई लड़कियों का विवरण और उनके अश्लील वीडियो और तस्वीरें हैं। 


डीसीपी ठाकुर ने बताया की आरोपी YouTube से सोशल साइट्स का इस्तेमाल करता था और "टेक्स्ट नाउ" जैसे कुछ अन्य एप्लिकेशन का भी इस्तेमाल करता था। जिसमें वो अंतर्राष्ट्रीय नंबरों के माध्यम से लड़कियों को संदेश भेजते और वीडियो कॉल करते थे। उसने खुद को कनाडा से एक एनआरआई के रूप में पेश किया और एक गोरी लड़की की तस्वीरों को प्रोफाइल पिक्चर के रूप में इस्तेमाल किया, जिसे उसने इंटरनेट से डाउनलोड किया था।  


जब लड़कियां उसे अपने अश्लील वीडियो और तस्वीरें भेजती थीं, तो वह उन्हें ब्लैकमेल करता था और वीडियो और फोटो को अपने पर्सनल ग्रुप्स में फॉरवर्ड करता था। उसके कई इंस्टाग्राम अकाउंट हैं और वह नए अकाउंट बनाता रहता था ताकि उसे ट्रेस न किया जा सके। ठाकुर ने कहा कि पुलिस को 27 जुलाई को एक 15 वर्षीय लड़की की शिकायत मिली, जिसने बताया कि उसने अपने पिता के सेल फोन पर एक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और एक अन्य लड़की के संपर्क में आई। उसने लड़की से बात करना शुरू कर दिया और एक महीने के बाद, लड़की ने शिकायतकर्ता को कई अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजे। 

लड़की ने शिकायतकर्ता से एहसान वापस करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने उसे अश्लील वीडियो और तस्वीरें भेजीं। शिकायतकर्ता को अपना नंबर साझा करने के लिए कहा गया था और जब उसने ऐसा किया, तो उसे एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया, ”उन्होंने कहा। पुलिस ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद, उन्होंने तकनीकी निगरानी की मदद से अपनी जांच की। और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।