पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात से अस्त-व्यस्त हो रहा जनजीवन, लोगो को उठानी पड़ रही भारी दिक्कत

उत्तराखंड में खूब बारिश हो रही है, जिसके बाद से ही कई इलाको में भूस्खलन तो कहीं नदियों के जल स्थर लगातर बढ़ते देखे जा रहे है.

पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात से अस्त-व्यस्त हो रहा जनजीवन, लोगो को उठानी पड़ रही भारी दिक्कत

पिछले कई हफ़्तों से देखा जा रहा है की उत्तराखंड में खूब बारिश हो रही है, जिसके बाद से ही कई इलाको में भूस्खलन तो कहीं नदियों के जल स्थर लगातर बढ़ते देखे जा रहे है. देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है जिसको देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है की, इन जिलों में भारी से बहुत अधिक बारिश की संभावना है।

 

इस बारिश से लोगों को काफी मिश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, हाल ही में बीते  शुक्रवार को बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ नाला बाधित हो गया। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास सुबह 6:20 बजे तक खुला था इसके बाद से लगातार पत्थर गिरने से हाईवे खोलने का काम कुछ देर बंद रहा उसके कुछ देर बाद गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास यातायात हेतु सुचारू किया गया।

 

आपको बता दें की कर्णप्रयाग के पास पंचपुलिया में बाधित ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर 15 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया। एनएच ने सड़क पर आई चट्टान को रातभर तोड़कर मशीनों से हटाया जिसके बाद शुक्रवार सुबह पांच बजे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू की  गई. आपको बता दे की हाईवे गुरुवार को अपराह्न तीन बजे पहाड़ी से चट्टान दरकने से बंद हो गया था जिसके  चलते  यात्रियों ने सड़क खुलने के इंतजार में अपने वाहनों में ही रात गुजारी। प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों को पानी व जरूरी सामान पहुंचाया।

 

आपको बता दें की खराब मौसम के कारण प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर मलबा आने से 21 स्टेट हाईवे समेत 195 सड़कें बंद हैं वही  गुरुवार को एक ही दिन में 111 सड़कें बंद हो गईं, जिनमें 18 स्टेट हाईवे शामिल थे। लोनिवि ने 55 सड़कों को खोला। सड़कों को खोलने के लिए लोनिवि ने 194 मशीनें तैनात की गई है, सबसे ज्यादा 67 ग्रामीण सड़कें बंद होने से उन पर यातायात ठप है जिससे लोगो को काफी परेशानी  उठानी पड़ रही है .