देर रात सिब्बल के घर हुई पार्टी, गांधी परिवार के बिना जुटे विपक्षी नेता

दिग्गज पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने बीते सोमवार की रात को अपने दिल्ली स्थित आवास पर एक डिनर पार्टी का आयोजन किया।

देर रात सिब्बल के घर हुई पार्टी, गांधी परिवार के बिना जुटे  विपक्षी  नेता

दिग्गज पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने बीते सोमवार की रात को अपने दिल्ली स्थित आवास पर एक डिनर पार्टी का आयोजन किया। इस पार्टी में हालाकिं नामी नेता मौजूद रहे लेकिन राहुल गांधी की इस पार्टी में दूर दूर तकल नहीं दिखे। यूँ तो यह जश्न सिब्बल के जन्मदिन के मौके का था लेकिन इस पार्टी में विपक्ष पार्टी ने भी शिरकत की थी। मौका तो जश्न का था लेकिन रणनीति पीएम के खिलाफ थी। सूत्रों के मुताबिक जब कांग्रेस के कायाकल्प के बारे में पूछा गया तो जवाब सामने आया की यह तभी हो सकता है जब पार्टी "गांधी नेतृत्व के चंगुल से मुक्त" हो।   


लालू प्रसाद व उम्र अब्दुल्ला भी हुए शामिल 

इस पार्टी का हिस्सा पी चिदंबरम,शशि थरूर और आनंद शर्मा मौजूद रहे। यह तीनों नेताओं में से जिन्होंने कांग्रेस अच्छे भविष्य को लेकर सवाल और कदम उठाया है। वही इस पार्टी में शिवसेना के संजय राउत, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला,वही साथ ही राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल के डेरेक ओ ब्रायन शामिल रहे। 


2014 में लिखा विस्फोटक पत्र 

बता दे की जी-२३ के नाम से मशहूर कोंग्रेसी नेता सिब्बल ने पिछले साल यानि 2019 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी की चिंता के चलते पत्र लिखा था यह एक विस्फोटक पत्र था। जिसमे सिब्बल ने  2014 में सत्ता गंवाने के बाद से पार्टी की गिरावट पर चिंता व्यक्त की गई थी और एक व्यापक संगठनात्मक परिवर्तन की भी मांग की थी।    

साथ काम करने की जरूरत है 

सबसे पहले, भाजपा के एक पूर्व सहयोगी अकाली दल को भी आमंत्रित किया गया था वही इसी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश गुजराल मौजूद थे।  नवीन पटनायक के बीजू जनता दल से पिनाकी मिश्रा भी शामिल थे वह पार्टी जो केंद्र में भाजपा सरकार को मुद्दों पर आधारित समर्थन देती रहती है। सिब्बल ने कथित तौर पर सरकार के खिलाफ हमला शुरू कर दिया, यह बताते हुए कि कैसे अपने कार्यकाल के दौरान हर संस्थान को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों को स्पष्ट फोकस के साथ काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

पार्टी को गांधी परिवार के चंगुल से निकलने की जरूरत 

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब भी कांग्रेस मजबूत होती है तो विपक्ष मजबूत हो जाता है और सवाल किया कि पार्टी को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। अकाली दल के नरेश गुजराल ने गांधी परिवार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस परिवार के चंगुल से बाहर नहीं निकल जाती, तब तक पार्टी को मजबूत करना बहुत मुश्किल होगा। पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा अक्सर यह सुझाव दिया गया है कि कांग्रेस को अपने पुनरुद्धार के लिए नेतृत्व में बदलाव की जरूरत है।


हालांकि, कई नेता राहुल गांधी की वापसी पर जोर दे रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय चुनाव में पार्टी की हार के बाद 2019 में कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया था। गांधी ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा था, "यह पार्टी कार्यकर्ताओं को तय करना है कि पार्टी का नेतृत्व किसे करना चाहिए। मैं वह करूंगा जो पार्टी मुझसे करना चाहती है। इस मामले पर चर्चा करने के लिए पार्टी के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय - कार्य समिति की कई बैठकों के बावजूद असंतुष्टों से वादा किया गया आंतरिक कांग्रेस चुनाव अभी तक नहीं हुआ है।