कारगिल दिवस: आज के दिन चटाई थी पाकिस्तानियों को धूल, राष्ट्रपति युद्ध स्मारक पर देंगे श्रद्धांजलि

26 जुलाई 1999 में पकिस्तान को आज ही के दिन भारतीय सैनिकों ने धुल चटा विजय प्राप्त की थी।

कारगिल दिवस: आज के दिन चटाई थी पाकिस्तानियों को धूल, राष्ट्रपति युद्ध स्मारक पर देंगे श्रद्धांजलि

26 जुलाई 1999 में पकिस्तान को आज ही के दिन भारतीय सैनिकों ने धूल चटा विजय प्राप्त की थी। आज भारत में कारगिल दिवस की 22 वी वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस अवसर पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद सोमवार को लद्दाख में द्रास का दौरा करके और 1999 के संघर्ष के शहीद नायकों को कारगिल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। राष्ट्रपति कोविंद के साथ भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत भी होंगे। 

सूत्रों के अनुसार, उन्होंने श्रीनगर में रात बिताई और कारगिल युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि देने के लिए आज सुबह द्रास के लिए उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। एक दिन बाद राष्ट्रपति श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के 19वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति कोविंद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के चार दिवसीय दौरे पर हैं। 

कारगिल का युद्ध उस दौरान छिड़ा जब पाकिस्तानी सैनिकों ने टाइगर हिल्स पर कब्ज़ा कर लिया था। वैसे तो पाकिस्तान ने इस युद्ध की शुरूआत 3 मई 1999 को ही कर दी थी जब उसने कारगिल की ऊँची पहाडि़यों पर 5,000 सैनिकों के साथ घुसपैठ कर कब्जा जमा लिया था। इस बात की जानकारी जब भारत सरकार को मिली तो सेना ने पाक सैनिकों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया। इस युद्ध में हमारे 527 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। 1363 जवान जख्मी हुए थे।