मकान मालिकों तक पहुंच रही है आइवरमेक्टिन दवा वंचित रह जा रहे है किराएदार

स्वास्थ विभाग की टीम आंगनबाड़ी वर्करों के माध्यम से घर-घर आइवरमेक्टिन दवा का कर रही है निशुल्क वितरण

मकान  मालिकों तक पहुंच रही है आइवरमेक्टिन दवा वंचित रह जा रहे है किराएदार

देहरादून में आमजन को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए हर नए कदम उठाए जा रहे है। इसी आमजन की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ विभाग की टीम आंगनबाड़ी वर्करों के माध्यम से घर-घर आइवरमेक्टिन दवा का निशुल्क वितरण कर रही है। इस सुविधा का फायदा केवल मकान मालिक उठा रहे है उन घरों में रहने वाले किराएदारों को दवा वितरण नहीं किया जा रहा है। वहीं प्रेमनगर के ठाकुरपुर निवासी किराएदार रमेश थापा ने शिकायत की जब उन्होंने दवा अपने मकान मालिक से मांगी तो उन्होंने देने से मना कर दिया।     

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता वी वीरू बिष्ट ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से दवा वितरण हो रही है लेकिन आइवरमेक्टिन दवाई से किराएदारों को वंचित किया जा रहा है, जो कि सरासर गलत है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका कर्मचारी यूनियन की प्रांतीय कोषाध्यक्ष लक्ष्मी पंत का कहना है कि कुछ दिन पहले सर्वे हुआ था। उस दौरान मकान मालिकों द्वारा जितने लोगों का नाम लिखवाया गया उसी संख्या के आधार पर आगे से हमें दवा मिली है। इसका वितरण किया जा रहा है।


कई जगहों से ऐसी शिकायत आ रही है कि मकान मालिकों ने अपने किराएदारों का नाम नहीं बताया था। इसके चलते ये दिक्कत आ रही है। इसी के साथ आशा कार्यकत्रियों से सवाल पूछने पर बताया की दवाइयां आधार कार्ड के अनुसार वितरित हो रही है लेकिन घर घर सर्वे करने के दौरान मकान मालिक केवल अपने परिवारों के सदस्य का नाम बता रहे है और वंचित रह जा रहे किराएदार हमलोगों से उलझ रहे है।