गढ़वाल छात्रावास में बंदरों का उत्पाद मैस में घूस कर हजम कर रहे है खाना

विकास के इस दौर में गढ़वाल छात्रावास का है बुरा हाल कभी जर्जर तो कभी पेयजल के संकट से जूझ रही है 40 छात्राएं

गढ़वाल छात्रावास में बंदरों का उत्पाद मैस में घूस कर हजम कर रहे है खाना

देश में जिस तरह से विकास चल रहा है एक बार विकास का कार्य देखने के लिए  गढ़वाल के एएनएम प्रशिक्षण केंद्र खिर्सू के छात्रावास में जाकर देखना चाहिए। इस छात्रावास का इतना बुरा हाल है की जितना हम और आप सोच भी नहीं सकते। इस छात्रावास में आए दिन बंदरों का उत्पाद रहता है। यहां छात्रावास के मेस साथ छात्रावास के कमरों में भी बंदर घूस कर बैठे रहते है। 


हालाकिं इस छात्रावास में 40 लड़कियां रहती है। यहां खिड़कियों पर दरवाजों के स्थान बोरियां लगाई गई हैं। तेज बारिश में भवन के ढहने का डर लगा रहता है।  यह स्थिति एएनएम प्रशिक्षण केंद्र खिर्सू के छात्रावास की है। यहां रह रही छात्राओं का कहना है कि समस्याओं के निराकरण के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से लिखित व मौखिक रूप से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। 
 

वहीं छात्राओं का कहना है की छात्रावास की हालत बहुत जर्जर है बारिश के वक़्त काफी डर बना रहता है छत टपकती है पेयजल का संकट रहता है यहां तक पेयजल के लिए छात्राओं को बाजार जाना पड़ता है। मैस का अधिकाशं खाना तो बंदर ही हजम कर जाते हैं। भवन की ‌स्थिति इतनी जर्जर है कि हल्के भूकंप के झटके में ढह सकता है।